
सीटी ग्रुप ने नई पहचान का किया अनावरण 1997 से शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव

जालंधर: कुछ यात्राएँ वर्षों से नहीं, बल्कि उन जीवनों से पहचानी जाती हैं जिन्हें वे छूती हैं, उन भविष्य को आकार देती हैं जिन्हें वे संवारती हैं और उन लोगों से याद रखी जाती हैं जो उन्हें बनाने में अपना योगदान देते हैं। सीटी ग्रुप की तीन दशकों से अधिक की यात्रा भी समर्पण, निरंतर विकास और करियर निर्माण की ऐसी ही कहानी है, जिसकी शुरुआत उन्नीस सौ सत्तानवे में हुई थी।
इस ऐतिहासिक अवसर को विशेष बनाने के लिए संस्थान के शुरुआती दौर से जुड़े लोगों ने एक साथ आकर अपनी साझा यात्रा का उत्सव मनाया। इनमें शुरुआती वर्षों में विद्यालयों का नेतृत्व करने वाले प्रधानाचार्य, संस्थान के विकास के साक्षी रहे निदेशक, वरिष्ठ सदस्य, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और सहयोगी दलों के वे सदस्य शामिल थे, जो लगभग उनतीस वर्षों से सीटी परिवार का हिस्सा रहे हैं। उनकी उपस्थिति संस्थान के प्रति उनकी निष्ठा, समर्पण और वर्षों की सेवाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बनी। यह आयोजन केवल एक संस्थान की प्रगति का उत्सव नहीं, बल्कि उन लोगों के योगदान का सम्मान भी था, जिन्होंने सीटी के साथ आगे बढ़ते हुए इसकी विरासत को आकार दिया।
उन्नीस सौ सत्तानवे में सीटी एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना और सीटी पब्लिक स्कूल की शुरुआत के साथ आरंभ हुआ यह सफर आज एक विविधतापूर्ण शैक्षणिक समूह के रूप में विकसित हो चुका है। इसमें मकसूदां स्थित सीटी पब्लिक स्कूल, छियासठ फीट रोड, जालंधर स्थित सीटी वर्ल्ड स्कूल, मकसूदां और शाहपुर स्थित सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस तथा लुधियाना स्थित सीटी यूनिवर्सिटी शामिल हैं। विद्यालयी शिक्षा से शुरू हुई यह यात्रा आज विभिन्न शैक्षणिक स्तरों और विषयों तक विस्तारित हो चुकी है, जहाँ पीढ़ियों से विद्यार्थियों को नए अवसर प्रदान करने और उनके करियर को दिशा देने में योगदान दिया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर सीटी ग्रुप के नए लोगो का अनावरण किया गया। यह नई दृश्य पहचान संस्थान की बदलती सोच, विकासशील स्वरूप और भविष्य की आकांक्षाओं को दर्शाती है, जबकि इसकी जड़ें उन मूल्यों, परंपराओं और दूरदर्शी सोच में निहित हैं, जिन्होंने स्थापना से लेकर आज तक सीटी का मार्गदर्शन किया है। नया लोगो संस्थान की अब तक की यात्रा और आने वाले वर्षों के लिए उसके संकल्पों का प्रतीक है।
सीटी ग्रुप के चेयरमैन सरदार चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा, “जब हमने उन्नीस सौ सत्तानवे में इस यात्रा की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ बनाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर तैयार करना था। आज सीटी को इस मुकाम तक पहुँचते देखना मेरे लिए गर्व और कृतज्ञता का विषय है। यह यात्रा उन सभी लोगों की है, जिन्होंने इसमें अपना योगदान दिया है—हमारे शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी, अभिभावक और शुभचिंतक। हमारी टीम के कई सदस्य लगभग तीन दशकों से हमारे साथ जुड़े हुए हैं और उनका समर्पण हमारी विरासत का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जितना हमारी विकास यात्रा। नया लोगो अतीत को पीछे छोड़ने का प्रतीक नहीं है, बल्कि अपनी मूलभूत मान्यताओं को साथ लेकर नई दृष्टि, ऊँची आकांक्षाओं और भविष्य को संवारने की अटूट प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का प्रतीक है।”
समारोह में सीटी ग्रुप के चेयरमैन सरदार चरनजीत सिंह चन्नी, सह-अध्यक्ष परमिंदर कौर, प्रबंध निदेशक डॉ. मनबीर सिंह, उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह, संयुक्त प्रबंध निदेशक तनिका चन्नी, सह-उपाध्यक्ष एडवोकेट मनजिंदर कौर और कार्यकारी निदेशक डॉ. नितिन टंडन उपस्थित रहे। इनके साथ विभिन्न परिसरों के निदेशक, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, संस्थानों के प्रमुख, शिक्षक, संकाय सदस्य, प्रशासनिक दल और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी इस समारोह में शामिल हुए। इस उपस्थिति ने सीटी परिवार की विभिन्न पीढ़ियों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया।
यह आयोजन संस्थान की उपलब्धियों के साथ-साथ उन रिश्तों, साझा अनुभवों और सामूहिक प्रयासों का उत्सव भी रहा, जिन्होंने सीटी की यात्रा को निरंतर मजबूती प्रदान की है। लंबे समय से जुड़े सदस्यों की उपस्थिति ने इस अवसर को संस्थान की विरासत को गढ़ने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का सार्थक अवसर बना दिया।
सीटी ग्रुप अब अपनी विकास यात्रा के अगले अध्याय की ओर अग्रसर है। नया लोगो निरंतरता और प्रगति का प्रतीक है—यह उस शुरुआत का सम्मान करता है। जहाँ से यात्रा आरंभ हुई, उन लोगों के योगदान को स्वीकार करता है, जिन्होंने इसको आकर दिया और भविष्य में आने वाले नए मौकों का स्वागत करता है।



