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लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश, 207 सांसदों ने दिया पेश करने के पक्ष में वोट

दिल्ली: देश की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो रही है। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है। इस सत्र में मोदी सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है, जो देश की राजनीति की पूरी तस्वीर बदल देंगे। इस सत्र का मुख्य लक्ष्य 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जमीनी स्तर पर लागू करना और लोकसभा की ताकत को बढ़ाना है।संसद के विशेष सत्र में सबसे बड़ी हलचल लोकसभा की सदस्य संख्या को लेकर रहेगी। सरकार की योजना लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या 543 को बढ़ाकर 850 करने की है। इसके लिए संविधान विधेयक 2026 पेश किया जाएगा, जिसमें बढ़ती आबादी के हिसाब से संसद सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान है।
केंद्र शासित प्रदेश कानून विधेयक 2026: इसके जरिए दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा
संविधान विधेयक 2026: यह बिल संसद में सदस्यों की संख्या बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा, इस बिल को केंद्रीय कानून मंत्री पेश करेंगे
परिसीमन विधेयक 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बिल को पेश करेंगे, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का फिर से निर्धारण होगा
केंद्र सरकार की रणनीति इन कानूनों के जरिए 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिलाओं के लिए आरक्षण को पूरी तरह प्रभावी बनाने की है। लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने इन बिलों पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय आवंटित किया है। पहले यह विधेयक लोकसभा में चर्चा के बाद पारित होंगे और फिर इन्हें राज्यसभा में भेजा जाएगा। देश के विशेषज्ञों का मानना है कि ‘परिसीमन’ इस पूरी प्रक्रिया का सबसे जटिल हिस्सा है, जिस पर विपक्षी दलों के साथ तीखी बहस होने की संभावना है बहरहाल, यदि ये बिल पास होते हैं, तो यह भारतीय संसद के इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्गठन होगा।

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