
एनआईटी जालंधर में नई सुविधाओं का उद्घाटन, छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण का बेहतर अवसर

डॉ बी आर अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में छात्रों को मशीनों पर काम करने, नए डिजाइन तैयार करने और अपने विचारों को वास्तविक मॉडल में बदलने के लिए नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। संस्थान की केंद्रीय कार्यशाला में मॉडर्न मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोटोटाइप फैसिलिटी का उद्घाटन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया द्वारा किया गया।
केंद्रीय कार्यशाला में छात्रों को इंजीनियरिंग से जुड़े कामों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। नई सुविधाओं के जुड़ने से छात्रों और शोधार्थियों को कक्षा में सीखी गई तकनीकों को मशीनों पर आजमाने और अपने डिजाइन को वास्तविक रूप देने का मौका मिलेगा।
मॉडर्न मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में सीएनसी मिल ट्रेनर और सीएनसी लेथ ट्रेनर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से छात्र कंप्यूटर से नियंत्रित मशीनों पर काम करने और निर्माण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले सकेंगे। वहीं, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोटोटाइप फैसिलिटी में पीसीबी प्रोटोटाइप मशीन और 3डी प्रिंटिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे छात्र और शोधार्थी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के लिए पीसीबी तैयार करने के साथ-साथ अपने डिजाइन के आधार पर 3डी मॉडल और प्रोटोटाइप बना सकेंगे।
इस अवसर पर प्रो. अनीश सचदेवा, कुलसचिव; प्रो. रमन बेदी, डीन (शैक्षणिक); प्रो. शैलेंद्र बाजपेयी, डीन (छात्र कल्याण); प्रो. अजय बंसल, डीन (उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय मामले); प्रो. रोहित मेहरा, डीन (अनुसंधान एवं परामर्श); प्रो. सुभाष चंद्र, डीन (योजना एवं विकास); तथा डॉ. दुष्यंत सिंह, प्रमुख, केंद्रीय कार्यशाला सहित कार्यक्रम के फैकल्टी समन्वयक उपस्थित रहे।
नई सुविधाओं को तैयार करने में केंद्रीय कार्यशाला के समन्वयकों डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. सौरभ कानगो, डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. नीतू सूद और डॉ. कुंदन कुमार का सहयोग रहा। इन सुविधाओं से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ प्रयोग करने, प्रोटोटाइप तैयार करने और अपने तकनीकी विचारों पर काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।


