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डीएवीआईईटी के तीन विद्यार्थियों का 3एआईपी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में चयन

डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीएवीआईईटी), जालंधर के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के तीन विद्यार्थियों का चयन 3एआईपी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में हुआ है। यह उपलब्धि संस्थान के कैंपस प्लेसमेंट प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जुलाई 2027 में स्नातक होने वाले चयनित विद्यार्थियों में अरशदीप, सान्हा और पलक शामिल हैं।
चयनित विद्यार्थियों को पेटेंट रिसर्च एनालिस्ट के पद पर नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है। उन्हें इंटर्नशिप के दौरान ₹15,000 का वजीफा तथा प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का पैकेज ऑफर किया गया है। उनकी कार्य-भूमिका में तकनीकी विकास से संबंधित अनुसंधान, पेटेंट संबंधी खोज एवं विश्लेषण तथा आविष्कारकों को तकनीकी जानकारी के आधार पर परामर्श प्रदान करना शामिल होगा। इस अवसर से विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, नवाचार और बौद्धिक संपदा के परस्पर संबंधों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।
3एआईपी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड एक वैश्विक संगठन है, जो बौद्धिक संपदा अनुसंधान एवं परामर्श सेवाओं के क्षेत्र में कार्य करता है। इसकी प्रमुख सेवाओं में बौद्धिक संपदा की खोज, पेटेंट अभियोजन, आईपी लाइसेंसिंग एवं मुद्रीकरण तथा बौद्धिक संपदा पर आधारित स्टार्ट-अप को सहयोग प्रदान करना शामिल है। कंपनी तकनीकी और विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करती है, जिनकी सहायता से ग्राहक नवाचारों का मूल्यांकन करने, तकनीकी परिदृश्य को समझने और सूचित व्यावसायिक निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।
अपने चयन के अनुभव साझा करते हुए अरशदीप, सान्हा और पलक ने एक विशिष्ट व्यावसायिक क्षेत्र में अवसर प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की तैयारी के दौरान उन्होंने अपने तकनीकी आधार को मजबूत करने, विश्लेषणात्मक क्षमताओं को विकसित करने तथा पारस्परिक संवाद कौशल में सुधार करने पर विशेष ध्यान दिया। उनके अनुसार, नियमित तैयारी और इंजीनियरिंग के मूल विषयों की स्पष्ट समझ ने चयन प्रक्रिया में उनकी सहायता की।
डीएवीआईईटी के निदेशक-सह-प्राचार्य डॉ. संदीप विज ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी लगन, निरंतर प्रयासों और पेशेवर तैयारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान रोजगार परिदृश्य में इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए पारंपरिक तकनीकी भूमिकाओं से आगे बढ़कर अनेक विशिष्ट क्षेत्रों में करियर बनाने की संभावनाएं उपलब्ध हैं। डॉ. विज ने कहा कि डीएवीआईईटी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और निरंतर प्लेसमेंट सहयोग के माध्यम से उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कक्षा में अर्जित ज्ञान के साथ समस्या-समाधान की क्षमता, प्रभावी संचार और वास्तविक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं की समझ भी विद्यार्थियों की सफलता के लिए आवश्यक है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले संकाय सदस्यों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां विद्यार्थियों को उपयुक्त करियर विकल्प चुनने और शैक्षणिक जीवन से पेशेवर जिम्मेदारियों की ओर आत्मविश्वास के साथ बढ़ने में सहायता करती हैं। डॉ. विज ने चयनित विद्यार्थियों को अपने नए कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, जिज्ञासा और सीखने की निरंतर इच्छा के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख डॉ. नीरू मल्होत्रा ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी और भर्ती प्रक्रिया के लिए उनकी तैयारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मजबूत इंजीनियरिंग आधार के साथ विश्लेषणात्मक तर्कशक्ति तथा तकनीकी अवधारणाओं को विशिष्ट व्यावसायिक कार्यों में लागू करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने उभरते करियर अवसरों की पहचान करने और विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. विशव कपूर ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सुव्यवस्थित प्लेसमेंट गतिविधियां विद्यार्थियों और संभावित नियोक्ताओं के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने जोर दिया कि भर्ती प्रक्रिया में सफलता के लिए निरंतर प्रयास, तकनीकी तैयारी और चयन के विभिन्न चरणों में अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की क्षमता आवश्यक है।
तीन विद्यार्थियों का यह चयन डीएवीआईईटी के उद्योगों के साथ संपर्क मजबूत करने तथा इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए व्यापक व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी केंद्रित तैयारी करने, रोजगारपरक कौशल विकसित करने तथा प्रौद्योगिकी और अनुसंधान से जुड़े उभरते क्षेत्रों में करियर की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित करेगी।

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