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डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान केवल एक प्रतिमा का नहीं, संविधान और सामाजिक न्याय की भावना का अपमान है: एस. आर. लद्धड़

लुधियाना में भारत रत्न डॉ. बी. आर. अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ की गई बेअदबी/अपमान की घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर डॉ. अंबेडकर जी की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाने अथवा उनका अपमान करने की घटनाएँ बार-बार सामने आना इस बात का संकेत है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कानून का पर्याप्त भय पैदा नहीं किया जा सका है।

डॉ. अंबेडकर जी केवल एक महान समाज सुधारक नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार और करोड़ों वंचित एवं शोषित लोगों के अधिकारों के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा का जानबूझकर अपमान करना पंजाब की सामाजिक एकता, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को चुनौती देने के समान है।

पंजाब सरकार केवल बयान जारी करके अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सरकार को जनता के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि लुधियाना की घटना में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और पूर्व में हुई ऐसी घटनाओं में दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई।

मैंने माननीय पंजाब के राज्यपाल जी से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है तथा निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

1. प्रत्येक संवेदनशील स्थान पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ।
डॉ. अंबेडकर जी की प्रतिमाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त CCTV निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि जानबूझकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों की पहचान हो सके और उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

2. लुधियाना की घटना में FIR दर्ज कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
जांच को केवल औपचारिकता न बनाया जाए। दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

3. नंगल, अमृतसर, बटाला और होशियारपुर की पूर्व घटनाओं की Action Taken Report सार्वजनिक की जाए।
पंजाब सरकार यह बताए कि इन घटनाओं में कितनी FIR दर्ज हुईं, कितने आरोपियों की पहचान हुई, कितनी गिरफ्तारियाँ हुईं और वर्तमान में मामलों की कानूनी स्थिति क्या है।

यह भी महत्वपूर्ण है कि ऐसी घटनाओं को किसी राजनीतिक दल, जाति या समुदाय के विरुद्ध वातावरण बनाने का माध्यम न बनने दिया जाए। पंजाब की शांति और सामाजिक भाईचारा सर्वोपरि है। जो भी व्यक्ति जानबूझकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है, उसके विरुद्ध बिना किसी राजनीतिक दबाव अथवा पक्षपात के कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकार की असली परीक्षा केवल यह नहीं है कि वह घटना के बाद कितने बयान जारी करती है; असली परीक्षा यह है कि वह दोषियों को कितनी जल्दी कानून के सामने लाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था करती है।

मैं माननीय राज्यपाल पंजाब से अनुरोध करता हूँ कि वे इस मामले में पंजाब सरकार से तत्काल Action Taken Report तलब करें और यह सुनिश्चित करें कि दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई हो।

इस संबंध में मैं माननीय राज्यपाल जी को एक ज्ञापन सौंपना चाहता हूँ और आज ही उनसे मिलने के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध करता हूँ, ताकि इस गंभीर विषय पर विस्तार से अपनी बात रख सकूँ।

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