पंजाबशिक्षा और संस्कृति

शिव ज्योति पब्लिक स्कूल में ‘हैप्पी क्लासरूम’ सेमिनार में शिक्षकों ने सीखे प्रभावी शिक्षण के टिप्स

● डॉ. विदुर ज्योति,चेयरमैन ट्रस्ट, डॉ. सुविक्रम ज्योति, चेयरमैन कम मैनेजर, मैनेजिंग कमेटी; जनरल सैक्रेटरी ट्रस्ट, की अध्यक्षता में तथा प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण सैली के कुशल नेतृत्त्व में दिनांक 09 सितंबर 2026 को विद्यालय में शिक्षकों के लिए ‘क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम’ (CBP) के अंतर्गत ‘हैप्पी क्लासरूम’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CBSE,COE) द्वारा ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ के अंतर्गत इस सेमिनार में विद्यालय के साठ शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
● ‘दुर्गा द्वार’ पर स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि और देवी सरस्वती के समक्ष ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ सरस्वती-वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ‘टीचर्स प्रेयर’ के उपरांत प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण सैली ने CBSE रिसोर्सपर्सन्स के रूप में उपस्थित श्रीमती वंदना चोपड़ा (प्रधानाचार्या, सर्वहितकारी विद्या मंदिर, फगवाड़ा) तथा श्री रंजीत सिंह (प्रधानाचार्य, एस.बी.बी.एस. इंटरनेशनल स्कूल, ख्याला पधियाना, जालंधर) को आभारस्वरूप नन्हें पौधे भेंट किए तथा उनका विद्यालय में पधारने पर हार्दिक स्वागत किया।
● सेमिनार में श्रीमती वंदना चोपड़ा तथा श्री रंजीत सिंह ने शिक्षकों को ‘हैप्पी क्लासरूम’ के अर्थ और इसके उद्देश्य के बारे में बताया कि कक्षा में सकारात्मक और तनावमुक्त माहौल शिक्षक और विद्यार्थियों के लिए क्यों आवश्यक है। उन्होंने ‘भावनात्मक बुद्धिमता, कक्षा में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की रणनीतियों, रोचक शिक्षण-पद्धतियों, तनाव-प्रबंधन और खुशनुमा माहौल पर चर्चा करते हुए इसके बारे में शिक्षकों को बहुमूल्य जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बल दिया ताकि वे स्वयं प्रसन्न रहकर विद्यार्थियों को भी सकारात्मक वातावरण दे सकें। सभी शिक्षकों ने विषय की स्पष्टता हेतु कई विचारपरक और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से ‘हैप्पी क्लासरूम’ के महत्त्व के बारे में ज्ञान अर्जित किया। सभी शिक्षकों ने इस सेमीनार से लाभान्वित होते हुए, अपने शिक्षण को और अधिक रोचक, प्रभावी और छात्र-केंद्रित करना सीखा।
● श्रीमती प्रवीण सैली ने सेमीनार के सफल समापन पर हर्ष प्रकट करते हुए बताया कि ऐसे प्रशिक्षण-कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को समृद्ध करते हैं। उन्होंने उपप्रधानाचार्या श्रीमती रमनदीप तथा सहायक उपप्रधानाचार्या श्रीमती ममता अरोड़ा के साथ अतिथियों को स्मृति-चिह्न देकर उनका आभार प्रकट किया। सेमिनार का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Related Articles

Back to top button