

दिल्ली: दिल्ली के डेढ़ करोड़ मतदाताओं में से एक तिहाई वोटरों के नाम कटने की आशंका है राजधानी में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख का नाम ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होगा, जो 33 फीसदी है बड़ी तादाद में वोटरों का नाम न जुड़ने के बीच मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है वोटर लिस्ट के लिए गणना फॉर्म जमा करने की समयसीमा 17 अगस्त को खत्म हो गई जिन वोटरों ने अपने वोटर फॉर्म जमा नहीं किए हैं, उन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दावे और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को जारी होगी जबकि फाइनल वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को जारी होनी है दिल्ली में 47 लाख नाम ड्रॉफ्ट लिस्ट से हटे
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों ने ये जानकारी दी है दिल्ली के 1.45 करोड़ वोटरों में से 97.47 लाख ने गणना फॉर्म जमा किए हैं, जो कुल वोटरों का 67 फीसदी हैकम डिजिटाइजेशन वाली विधानसभाओं मे ओखला में 54.67 प्रतिशत, आरके पुरम में 55.54 प्रतिशत, कस्तूरबा नगर में 55.97 प्रतिशत और कालकाजी में 57.21 प्रतिशत फॉर्म शामिल है इन विधानसभा क्षेत्रों में भी कम फॉर्म ही जमा हो पाए हैं मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों में चांदनी चौक में सिर्फ 61 प्रतिशत फॉर्म जमा हुए हैं निर्वाचन आयोग CEO के अनुसार, मुस्लिम बहुल दूसरे इलाकों में हालांकि प्रदर्शन अच्छा रहा है मुस्तफाबाद में 71.91 फीसदी, मटिया महल में 75.5 फीसदी, सीलमपुर में 76.63 फीसदी, बाबरपुर में 73 फीसदी और बल्लीमारान में 67.35 फीसदी में फॉर्म जमा हुए हैं



