

जालंधर, 27 अक्टूबर 2026। पंजाब ने अपने गौरवशाली खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पहली बार राज्य में एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर के बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों का अपने ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में खेलने का वर्षों पुराना सपना साकार हो गया है। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छह टीमों के कप्तानों को सम्मानित करते हुए कहा कि पंजाब अपनी पुरानी हॉकी विरासत को फिर से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य वर्ष 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी तैयार है।
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश, चीन, जापान, कोरिया और मलेशिया सहित प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के खिलाड़ियों, ओलंपियनों, पूर्व हॉकी खिलाड़ियों, हॉकी इंडिया तथा अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के प्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में पहली बार इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन होना राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह भारतीय हॉकी में पंजाब के अतुलनीय योगदान को सम्मान देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने और विशेष प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि पंजाब की खेलों में खोई हुई प्रतिष्ठा को दोबारा स्थापित किया जा सके और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हॉकी का रिश्ता बेहद गहरा और अटूट है। भारतीय हॉकी में राज्य का योगदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जुनून, त्याग, अनुशासन और अदम्य खेल भावना से बनी गौरवशाली परंपरा है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी खिलाड़ियों के असाधारण योगदान के बिना भारतीय हॉकी के इतिहास की कल्पना करना मुश्किल है। पंजाब की धरती ने देश को अनाज देने के साथ-साथ ऐसे ओलंपियन, विश्व चैंपियन और खेल नायक भी दिए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया में तिरंगे का मान बढ़ाया है। हॉकी पंजाब के लोगों के खून में बसी है और हर पीढ़ी के खिलाड़ियों ने इस विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ाया है।
पंजाब के 77 हॉकी ओलंपियन, 48 खिलाड़ी जीत चुके हैं ओलंपिक पदक
भारतीय हॉकी में पंजाब के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक तक पंजाब ने 77 हॉकी ओलंपियन देश को दिए हैं। इनमें से 48 खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं। पंजाबी खिलाड़ियों ने 10 बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी की है, जो इस खेल में पंजाब के लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने महान हॉकी खिलाड़ियों बलबीर सिंह सीनियर, उधम सिंह, पृथिपाल सिंह, अजीत पाल सिंह, सुरजीत सिंह और परगट सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक के फाइनल में बलबीर सिंह सीनियर द्वारा पांच गोल करना भारतीय हॉकी इतिहास की असाधारण उपलब्धियों में से एक है। इसी तरह उधम सिंह का चार ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेना और पदक जीतने का उनका शानदार रिकॉर्ड भी खिलाड़ियों को प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक-2021 और पेरिस ओलंपिक-2024 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम द्वारा कांस्य पदक जीतने से देश में हॉकी के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ। लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने की यह उपलब्धि 52 वर्षों के अंतराल के बाद हासिल हुई। उन्होंने कहा कि दोनों टीमों में पंजाब के खिलाड़ियों की मजबूत भागीदारी राज्य की अहम भूमिका को दर्शाती है। वर्तमान भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित आठ खिलाड़ी पंजाब से हैं।
उन्होंने वर्ष 1975 में अजीत पाल सिंह की कप्तानी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम द्वारा विश्व कप जीतने तथा वर्ष 2001 और 2016 में गगन अजीत सिंह और हरजीत सिंह की कप्तानी में भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम की विश्व कप जीत का भी उल्लेख किया।
जालंधर और आसपास के गांवों ने देश को दिए अनेक अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारतीय हॉकी में जालंधर का विशेष स्थान है। जालंधर और आसपास के गांवों ने कई पीढ़ियों से ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देश को दिए हैं। संसारपुर, खुसरोपुर और मिट्ठापुर जैसे गांवों ने हॉकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इस क्षेत्र से 20 से अधिक ओलंपियन निकले हैं। इन गांवों में हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ने वाली परंपरा है।
उन्होंने कहा कि ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम पंजाब के खेल जगत के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखता है। वर्ष 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे सुरजीत सिंह के नाम पर बने इस स्टेडियम में पंजाब की हॉकी बिरादरी के संघर्ष, उपलब्धियों और आकांक्षाओं की झलक मिलती है। प्रतियोगिता के अवसर पर स्टेडियम में ओलंपियन सुरजीत सिंह की प्रतिमा भी स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेडियम में संचालित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स सेंटर और खेलो इंडिया सेंटर युवा हॉकी खिलाड़ियों को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स सेंटर में 102 खिलाड़ी तथा खेलो इंडिया सेंटर में 33 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
जालंधर में होंगे लीग मुकाबले, मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल
चैंपियनशिप के आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होंगे।
उन्होंने कहा कि इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को पंजाब में लाना राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे पंजाब के खेल बुनियादी ढांचे, मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में छह नए हॉकी एस्ट्रो-टर्फ मैदान बनाए गए हैं, जबकि दो अन्य मैदानों का निर्माण जारी है। इसके अलावा जमीनी स्तर पर हॉकी को बढ़ावा देने के लिए 18 छह-ए-साइड एस्ट्रो-टर्फ हॉकी मैदान भी विकसित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ पहल राज्य में सभी आयु वर्गों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच बनकर उभरी है। इसके चौथे सीजन में छह लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। ‘मुख्यमंत्री खेल मैदान’ पहल के तहत राज्यभर में 3,000 से अधिक खेल मैदान भी विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स के 14 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 1,870 खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2023 में लागू की गई नई खेल नीति और खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित करना सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार खेल सुविधाओं, जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की भागीदारी और विशेष प्रशिक्षण पर निवेश कर रही है, ताकि युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए तैयार पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विश्वास जताया कि पंजाब वर्ष 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 राज्य की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन की क्षमता प्रदर्शित करने और हॉकी में पंजाब की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा को फिर से मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप के लाभ केवल हॉकी के मैदान तक सीमित नहीं रहेंगे। इससे खेल पर्यटन, आतिथ्य उद्योग, खेल उपकरण उद्योग और संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय कारोबारियों और युवाओं के लिए रोजगार तथा आर्थिक अवसर भी पैदा होंगे।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपनी गर्मजोशी, उदारता और मेहमाननवाजी के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। उन्हें विश्वास है कि यहां आने वाली टीमें पंजाब के लोगों, गांवों, संस्कृति और पारंपरिक खानपान की यादगार स्मृतियां लेकर अपने देश लौटेंगी।
उन्होंने कहा कि खेल भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। खिलाड़ी अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन खेल आपसी सम्मान, अनुशासन और मित्रता की भावना को मजबूत बनाते हैं। उन्हें उम्मीद है कि यह चैंपियनशिप भाग लेने वाले देशों के बीच स्थायी मित्रता को बढ़ावा देगी और हजारों युवाओं को हॉकी सहित अन्य खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं और टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों, सुरक्षा कर्मियों तथा पर्दे के पीछे काम करने वाले सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपनी ऐतिहासिक धरती पर हॉकी जगत का स्वागत करते हुए गर्व महसूस कर रहा है। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 पंजाब की गौरवशाली हॉकी विरासत का उत्सव है और नई पीढ़ी को इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। पंजाब का हॉकी के साथ रिश्ता केवल खेल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि साहस, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव की जीवंत विरासत है।
इससे पहले हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली और हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक बलकार सिंह और ईशान छाबड़ा, खेल विभाग के प्रमुख सचिव वरुण रूजम, खेल निदेशक अभिजीत कपलिश, जालंधर के मेयर विनीत धीर, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ, पर्यटन सलाहकार दीपक बाली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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