
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने NIT जालंधर में पाँच दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से AI शिक्षा को सशक्त बनाया

डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जालंधर द्वारा पंजाब सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के लिए PICTES के माध्यम से 2 से 6 नवंबर, 2026 तक “स्कूल कंप्यूटर शिक्षकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और उभरती प्रौद्योगिकियाँ” विषय पर पाँच दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र (Centre for Artificial Intelligence) द्वारा इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से आयोजित इस 40 घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (Machine Learning), डीप लर्निंग (Deep Learning), जनरेटिव AI (Generative AI), पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कंप्यूटर विज़न और ड्रोन तकनीक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (Computational Thinking) विकसित करना तथा शिक्षकों को इस योग्य बनाना है कि वे विद्यार्थियों को नवाचार प्रतियोगिताओं और हैकाथॉन जैसी गतिविधियों में मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।
पंजाब की स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में विभिन्न व्यावहारिक उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। इनमें सीमावर्ती जिलों में अनधिकृत ड्रोन गतिविधियों की चुनौतियों को समझने के लिए AI आधारित एंटी-ड्रोन डिटेक्शन की अवधारणा प्रमुख है। इसके माध्यम से यह बताया जा रहा है कि उभरती प्रौद्योगिकियाँ सार्वजनिक सुरक्षा, कृषि, पर्यावरण निगरानी और अन्य वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों के व्याख्यान, व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग करने वाला नहीं, बल्कि रचनात्मक सोच के साथ समस्याओं का समाधान खोजने वाला और नवाचार करने वाला बनाना है।
यह कार्यक्रम NIT जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर संस्थान के प्रो. रोहित मेहरा, डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी); प्रो. दिलबाग सिंह, प्रमुख, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग विभाग; प्रो. ए. के. खोसला, प्रमुख, सेंटर फॉर AI; तथा डॉ. अनुपम यादव, प्रमुख, गणित एवं कंप्यूटिंग विभाग का उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया।
इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. ओ. पी. वर्मा द्वारा किया जा रहा है, जबकि डॉ. देब्लिना बिस्वास सह-समन्वयक (Co-Coordinator) के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
यह पहल स्कूल स्तर पर तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने, शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने और जिम्मेदार नवाचार के माध्यम से अगली पीढ़ी को तैयार करने के प्रति NIT जालंधर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
“शिक्षकों को सशक्त बनाएं, विद्यार्थियों को प्रेरित करें और समाज के लिए नवाचार करें” — यही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मूल उद्देश्य और मार्गदर्शक दृष्टिकोण है।



