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परवाज़ द स्टूडेंट ऑनबोर्डिंग प्रोग्राम’ (Parwaaz:The Student Onboarding Programme)का समापन

परवाज़: द स्टूडेंट ऑनबोर्डिंग प्रोग्राम’ (Parwaaz:The Student Onboarding Programme)का समापन ‘टैलेंटोनिया 2026’ (Talentonia ) के साथ हुआ, जिससे कैंपस में ऊर्जा, उत्साह और युवाओं की क्रिएटिविटी का माहौल बन गया। यह इवेंट फर्स्ट-ईयर के स्टूडेंट्स के लिए आयोजित किया गया था, ताकि उन्हें क्लासरूम से बाहर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक शानदार मंच मिल सके।
इस इवेंट का मकसद स्टूडेंट्स को अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने, स्टेज का डर दूर करने और आत्मविश्वास के साथ खुद को पेश करने (encourage students to step out of their comfort zones, overcome stage fright and express themselves with confidence)के लिए प्रोत्साहित करना था। ‘टैलेंटोनिया’ ने इस सोच को सेलिब्रेट किया कि टैलेंट का मतलब सिर्फ़ जीतना नहीं है, बल्कि परफॉर्म करने, अपनी खूबियों को जानने और अपनी पर्सनैलिटी को निखारने का साहस दिखाना है।
इस प्रतियोगिता में कई तरह की परफॉर्मेंस हुईं, जैसे सोलो सिंगिंग, मेडले, सोलो डांस, कविता पाठ, स्किट, रैंप वॉक और ग्रुप डांस (solo singing, medley, solo dance, poetry recitation, skit, ramp walk and group dance)। हर परफॉर्मेंस में क्रिएटिविटी, एक्सप्रेशन, कॉन्फिडेंस और एंटरटेनमेंट का अनोखा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे इवेंट के दौरान दर्शकों को बांधे रखा।
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, डायरेक्टर डॉ. राजेश बग्गा ने फर्स्ट-ईयर के स्टूडेंट्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और उन्हें अपने टैलेंट को खोजने और दिखाने के लिए ऐसे मौकों का भरपूर फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शिक्षा सिर्फ़ एकेडमिक्स तक ही सीमित नहीं है और कॉन्फिडेंस, क्रिएटिविटी, कम्युनिकेशन स्किल्स और ओवरऑल पर्सनैलिटी को विकसित करने में को-करिकुलर एक्टिविटीज़ अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ‘टैलेंटोनिया’ का असली मकसद सिर्फ़ जीतना नहीं है, बल्कि आगे आकर परफ़ॉर्म करने और अनुभव से सीखने का कॉन्फिडेंस रखना है।
कार्यक्रम की शुरुआत सोलो सिंगिंग कॉम्पिटिशन (Solo Singing Competition)से हुई, जिसमें मधुर आवाज़ों और शानदार म्यूज़िकल प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। इसके बाद एक म्यूज़िकल मेडली (musical medley
पेश की गई, जिसने दर्शकों को अलग-अलग धुनों के ज़रिए एक मज़ेदार सफ़र पर ले जाने का काम किया। सोलो डांस कॉम्पिटिशन ने जोश और बढ़ा दिया, जहाँ स्टूडेंट्स ने अपनी लय, हाव-भाव और शानदार डांस मूव्स से दर्शकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम में आकर्षण और व्यक्तित्व का रंग भरते हुए रैंप वॉक प्रतियोगिता (Ramp Walk) का आयोजन दो चरणों में किया गया , जिससे प्रतिभागियों को अपना कॉन्फिडेंस, एटीट्यूड, अलग पहचान और स्टेज पर अपनी मौजूदगी (confidence, attitude, individuality and stage presence) दिखाने का मौका मिला। इवेंट में कविता पाठ भी शामिल था, जिसने युवा कवियों को शब्दों की ताकत के ज़रिए अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को व्यक्त करने का अवसर दिया।
स्किट प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में नाटकीयता, हास्य, कहानी-कथन और टीम भावना का समावेश किया, जबकि समूह नृत्य प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों के समन्वय, एकजुटता और सामूहिक ऊर्जा को प्रदर्शित किया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल विद्यार्थियों की व्यक्तिगत प्रतिभाओं को उजागर किया, बल्कि एक-दूसरे के साथ सहयोग करने और परस्पर समर्थन देने की उनकी भावना को भी दर्शाया।
डॉ. राजेश बग्गा, निदेशक, ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता की सराहना की तथा सभी प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि टैलेंटोनिया जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अकादमिक गतिविधियों से आगे बढ़कर अपनी क्षमता को पहचानने तथा आत्मविश्वास, टीम भावना, संचार कौशल और आत्म-अभिव्यक्ति (confidence, teamwork, communication and self-expression)जैसे आवश्यक गुणों को विकसित करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों की सराहना तथा निदेशक डॉ. राजेश बग्गा, संकाय सदस्यों, समन्वयकों, निर्णायकों, स्वयंसेवकों एवं दर्शकों (aculty members, coordinators, judges, volunteers and the audience) द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए हुआ।
टैलेंटोनिया ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक एवं उत्सवपूर्ण वातावरण का सफलतापूर्वक निर्माण किया और इस संदेश को सुदृढ़ किया कि प्रतिभा को अवसर मिलने पर ही उसका वास्तविक विकास होता है। कार्यक्रम का समापन एक प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को निरंतर तलाशने, स्वयं पर विश्वास रखने और आत्मविश्वास (exploring their abilities, believing in themselves and shining with confidence) के साथ अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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