दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट के चलते मेटा कंपनी बैकफुट पर आ गई है मामला प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट को हटाने का है, जिसे भारत में ब्लॉक कर दिया गया था लोगों ने सवाल उठाए तो मेटा कंपनी को माफी मांगनी पड़ी और बयान जारी करके स्पष्टीकरण देना पड़ा. भारत के लोगों ने मेटा कंपनी के बाल यौन शोषण वाले कंटेंट को बढ़ावा देने वाले इंस्टाग्राम के विज्ञापनों को लेकर भी सवाल उठाए लोगों ने पूछा कि प्रधानमंत्री का पोस्ट हटाने का अधिकार किसने दिया देश के IT अधिनियम की धारा 79 के उल्लंघन पर कंपनी ने क्या किया? मेटा ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो ब्लॉक किए जाने पर बयान जारी किया है मेटा के प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट और कंटेंट को गलती से हटा दिया गया था, लेकिन अब उसे बहाल कर दिया गया है भाजपा की IT और सोशल मीडिया की नेशनल इंचार्ज और महाराष्ट्र भाजपा की प्रवक्ता प्रीति गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट को भारत में प्रतिबंधित किए जाने का विरोध जताते हुए कंपनी से सवाल पूछे उन्होंने एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने मेटा कंपनी को टैग करते हुए प्रधानमंत्री की पोस्ट पर सवाल पूछे प्रीति गांधी ने पोस्ट में लिखा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं से जुड़ने के लिए अपना पहला सीधा सेल्फी वीडियो अपलोड किया और फेसबुक ने इसे प्रतिबंधित कर दिया? मेटा को यह अधिकार किसने दिया कि वह यह तय करे कि लाखों भारतीयों को क्या देखना चाहिए और क्या नहीं? यह सिर्फ कंटेंट मॉडरेशन नहीं बल्कि यह कंपनी के वर्किंग, ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके लिए कौन जवाबदेह है? किसी ने देखा नहीं या जरूरी नहीं समझा, जवाब दें मेटा कंपनी पूरी दुनिया को फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप मैसेजिंग ऐप उपलब्ध कराती है कंपनी के CEO मार्क जकरबर्ग है, जिन्होंने साल 2021 में कंपनी का नाम बदलकर ऑफिशियल तौर पर मेटा रखा भारत में मेटा कंपनी की सभी सोशल नेटवर्किंग साइट का बहुत बड़ा यूजरबेस है वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल सोशल मीडिया पेजों के करोड़ों फॉलोअर्स है इंस्टाग्राम पर उनके 105 मिलियन से ज्यादा, फेसबुक पर 61 मिलियन और वॉट्सऐप पर 15 मिलियन फॉलोअर्स हैं, लेकिन उनका एक वीडियो इतने फॉलोअर्स तक नहीं पहुंचा