Sliderपंजाब

*बच्चों के पोषण और सैनिकों के स्वास्थ्य से समझौता लापरवाही नहीं, आपराधिक विश्वासघात: भाजपा*

*चंडीगढ़, 28 मार्च:*

आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर तीखा हमला करते हुए, भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने आज आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान ने वेरका और पोषण आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े गंभीर घोटालों और अनियमितताओं पर चुप्पी साध रखी है, जिससे जनस्वास्थ्य और तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

शर्मा ने कहा कि हाल ही में भारतीय सेना द्वारा गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के चलते लगभग 125 मीट्रिक टन वेरका दूध पाउडर को अस्वीकार किया जाना, सिस्टम में फैली खामियों को फिर से उजागर करता है। उन्होंने कहा, “यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है,” और वेरका प्लांट्स को आपूर्ति किए गए दूध में रासायनिक मिलावट के आरोप, विभिन्न इकाइयों में वित्तीय अनियमितताएं, तथा अब सेना द्वारा उठाए गए गुणवत्ता संबंधी गंभीर सवालों का उल्लेख किया।

उन्होंने पंजीरी (आईसीडीएस पोषण योजना) को लेकर भी विवाद को उजागर करते हुए इसे संभावित ₹1000–1500 करोड़ का घोटाला बताया। शर्मा ने कहा, “2022 से AAP सरकार ने वेरका जैसी विश्वसनीय सहकारी संस्थाओं से आपूर्ति हटाकर संदिग्ध टेंडर प्रक्रिया के तहत निजी ठेकेदारों को दे दी है। इसमें जल्दबाजी में मंजूरी, कंपनियों के बीच आपसी संबंध और पोषण गुणवत्ता से समझौते—जैसे घी की जगह सस्ते विकल्प (सोयाबीन तेल) का उपयोग—जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह मामला पहले से ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है।”

मुख्यमंत्री पर “मिल्क माफिया के साथ मिलीभगत” का आरोप लगाते हुए शर्मा ने कहा कि अधिकारियों का निलंबन महज दिखावा है और पूरी तरह अपर्याप्त है।

उन्होंने कहा, “जब बच्चों के पोषण और सैनिकों के स्वास्थ्य से समझौता किया जाता है, तो यह लापरवाही नहीं बल्कि आपराधिक विश्वासघात है।”
भाजपा ने वेरका से जुड़े सभी घोटालों, मिलावट के आरोपों और पंजीरी विवाद की सच्चाई सामने लाने तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए समयबद्ध सी.बी.आइ. जांच या हाई कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।

अंत में शर्मा ने कहा, “पंजाब जवाब चाहता है, खामोशी नहीं। जनता इस विश्वासघात को माफ नहीं करेगी।”

Related Articles

Back to top button