

दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रेट हाइक साइकिल शुरू होती है तो यह सीमित रह सकती है। RBI का व्यापक फोकस घरेलू लिक्विडिटी और विदेशी मुद्रा प्रबंधन पर बने रहने की संभावना है। यह अनुमान एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट में लगाया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियों में हालिया बदलावों से अक्टूबर में होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है।रिपोर्ट में बदलते ब्याज दर परिदृश्य के पीछे तीन प्रमुख घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है। इनमें FCNR जमा में मजबूत बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के सख्त होने के संकेत शामिल हैं।रिपोर्ट के अनुसार, FCNR इनफ्लो करीब 136 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो अनुमान से काफी अधिक है। इससे भारतीय बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त लिक्विडिटी बढ़ी है। दूसरी ओर, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण Brent क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। रिपोर्ट के समय Brent क्रूड करीब 107.06 डॉलर प्रति बैरल, जबकि क्रूड ऑयल करीब 102.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।



