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मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों का सामान्य साइकिल से ई.वी. साइकिल बनाने का सफर

मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह के योग्य मार्गदर्शन तथा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख इंजीनियर विक्रमजीत सिंह संघोत्रा की अगुवाई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों द्वारा एक नई और प्रेरणादायक तकनीकी उपलब्धि हासिल की गई। विद्यार्थियों ने सामान्य साइकिल को रेट्रोफिटिंग तकनीक की सहायता से इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई.वी.) साइकिल में परिवर्तित कर नवाचार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह प्रोजेक्ट इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों अर्जुन चौधरी, सचिन सिंह, याकुल और अंकुश चौधरी द्वारा तैयार किया गया। विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल का उपयोग करते हुए ऐसी ई.वी. साइकिल विकसित की, जो कम लागत में आम लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इस प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार द्वारा “सर्वोदयम” योजना के अंतर्गत प्रायोजित एवं वित्तपोषित किया गया है। पंजाब सरकार ने इस नवाचारी प्रयास की सराहना करते हुए विद्यार्थी अर्जुन चौधरी को वर्कशॉप स्थापित करने तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगभग 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस सहायता से युवाओं को अपने नए विचारों को औद्योगिक रूप देने की प्रेरणा मिलेगी। विद्यार्थियों ने बताया कि इस ई.वी. साइकिल की रेट्रोफिटिंग लागत लगभग 12,000 से 18,000 रुपये तक आती है, जिससे पुरानी या सामान्य साइकिलों को आसानी से बैटरी आधारित ई.वी. में बदला जा सकता है। यह प्रयास न केवल ईंधन की बचत में सहायक है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह प्रोजेक्ट “सर्वोदयम” योजना के अंतर्गत आई.आई.टी. के सहयोग से इनक्यूबेट किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी मार्गदर्शन और औद्योगिक जानकारी प्राप्त हुई। कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारी प्रोजेक्ट विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तकनीकी कौशल और स्वरोजगार की भावना को मजबूत करते हैं। प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज हमेशा विद्यार्थियों को नई तकनीक और नवाचार की ओर प्रेरित करता रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। अंत में प्रिंसिपल जी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी सदस्यों तथा स्टाफ ने प्रोजेक्ट टीम को हार्दिक बधाई दी।

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