

जालंधर : 09 अक्टूबर 2026
आधुनिक युद्धक्षेत्र की बदलती चुनौतियों के अनुरूप अपनी तकनीक आधारित युद्धक क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में वज्र कोर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कोर के ड्रोन ऑपरेटरों के प्रथम बैच ने रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTO) के अंतर्गत अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह उपलब्धि वज्र कोर के तकनीकी रूप से दक्ष, परिचालन की दृष्टि से सक्षम एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सैन्य बल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लेफ्टिनेंट जनरल अमित कबथियाल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल एवं बार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, वज्र कोर ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले ड्रोन ऑपरेटरों से संवाद किया तथा उनके समर्पण, अनुशासन और व्यावसायिक दक्षता की सराहना की। उन्होंने आधुनिक सैन्य अभियानों में मानव रहित हवाई प्रणालियों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी कौशल, नवाचार एवं बदलती युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षित ऑपरेटरों को अर्जित कौशल का प्रभावी उपयोग करते हुए कोर की युद्धक क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।
आरपीटीओ प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे कुशल एवं दक्ष ड्रोन ऑपरेटर तैयार करना है, जो मानव रहित हवाई प्रणालियों के संचालन में आवश्यक तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक दक्षता रखते हों। प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन संचालन, उड़ान संबंधी प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों तथा मानव रहित हवाई प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। यह प्रशिक्षण निगरानी, टोही तथा युद्धक्षेत्र की परिस्थितिजन्य जागरूकता को बेहतर बनाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
आधुनिक युद्ध में ड्रोन एवं मानव रहित हवाई प्रणालियां तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में प्रशिक्षित ऑपरेटरों की उपलब्धता परिचालन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन क्षमताओं के विकास से युद्धक्षेत्र की बेहतर निगरानी, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता तथा उभरती परिचालन चुनौतियों के प्रति प्रभावी प्रतिक्रिया को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रथम बैच का सफल प्रशिक्षण केवल एक प्रशिक्षण उपलब्धि नहीं, बल्कि वज्र कोर की तकनीकी आत्मनिर्भरता, नवाचार को प्रोत्साहन तथा ड्रोन संचालन संबंधी विशेषज्ञता विकसित करने की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। यह पहल उभरती प्रौद्योगिकियों को सैन्य प्रशिक्षण एवं परिचालन क्षमताओं के विकास में समाहित करने की दिशा में कोर के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
वज्र कोर यथार्थपरक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के समावेश तथा विशेष सैन्य कौशल के विकास को निरंतर प्राथमिकता दे रही है, ताकि बदलते युद्धक्षेत्र में निर्णायक बढ़त बनाए रखी जा सके। आरपीटीओ प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी दूरदर्शी दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सैनिकों को नवीनतम तकनीकों के प्रभावी उपयोग के साथ भविष्य की युद्धक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।
तकनीक में महारत। युद्धक क्षमता में बढ़त। भविष्य के रणक्षेत्र के लिए पूर्ण तैयारी।



