
सीटी यूनिवर्सिटी बनी वृंदावन फूलों की वर्षा और कृष्ण अभिषेक के साथ जन्माष्टमी का भव्य उत्सव

सीटी यूनिवर्सिटी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व भक्ति, संस्कृति और उल्लास से सराबोर होकर मनाया गया। पूरा कैंपस मानो वृंदावन की दिव्य छटा में रंग गया।
इस्कॉन के सहयोग से आयोजित इस भव्य समारोह में कृष्ण अभिषेक, मधुर भजन, कृष्ण नाम संकीर्तन और उत्साह से भरी दही हांडी ने सभी को भक्तिमय वातावरण से जोड़ दिया।
फूलों और आकर्षक सजावट से सजे कैंपस ने वृंदावन जैसा आध्यात्मिक वातावरण प्रस्तुत किया। उत्सव के दौरान हुई फूलों की वर्षा ने माहौल को और भी मनमोहक बना दिया। विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने एक साथ कृष्ण नाम का संकीर्तन करते हुए भक्ति और आनंद का अनुभव किया।
समारोह में इस्कॉन से पधारे नरोत्तमानंद प्रभु, आश्रय गिरिराज प्रभु और दिव्य सेवक प्रभु की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके आध्यात्मिक संदेश और संवाद ने समारोह को गहराई और दिव्यता प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को करुणा, अनुशासन, धर्म, सत्य और निःस्वार्थ कर्म जैसे जीवन-मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कृष्ण अभिषेक समारोह का प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षण रहा, जिसके बाद मधुर भजनों ने पूरे कैंपस को भक्तिमय बना दिया। वहीं पारंपरिक दही हांडी ने उत्सव में युवा ऊर्जा और उमंग भर दी। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया और इस पर्व को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर सीटी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा,
“जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि उनके द्वारा स्थापित धर्म, साहस, ज्ञान और निःस्वार्थ कर्म के मूल्यों को याद करने का अवसर है। सीटी यूनिवर्सिटी में हमारा मानना है कि शिक्षा तभी पूर्ण होती है, जब वह ज्ञान के साथ-साथ मूल्यों और चरित्र का भी निर्माण करे। विद्यार्थियों के साथ अपनी परंपराओं का उत्सव मनाना उन्हें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर देता है।”
डायरेक्टर, DSW, सीटी यूनिवर्सिटी, इंजीनियर दविंदर सिंह ने कहा,
“जन्माष्टमी समारोह के दौरान विद्यार्थियों में दिखाई दिया उत्साह हमारी जीवंत कैंपस भावना को दर्शाता है। दिव्य कृष्ण अभिषेक और भजनों से लेकर दही हांडी के उत्साह और फूलों की मनमोहक वर्षा तक, हर पल ने एकता और आनंद का अनुभव कराया। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को जीवंत रखने के साथ-साथ पूरे विश्वविद्यालय समुदाय को एक-दूसरे के और करीब लाते हैं।”
समारोह का समापन भक्ति, संगीत, फूलों और आनंद से भरे एक आध्यात्मिक एवं यादगार वातावरण में हुआ। सीटी यूनिवर्सिटी की जन्माष्टमी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि यहां शिक्षा के साथ संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवंत विद्यार्थी जीवन का सुंदर संगम देखने को मिलता है।



