
जालंधर: साल का दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय और खगोलीय दृष्टिकोण से बेहद खास है। हालांकि, भारतीय ज्योतिषियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। क्योंकि, यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात के समय घटित होगा यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार, रात 9:04 बजे से शुरू होकर देर रात 1:27 बजे तक प्रभावी रहेगा। रात का समय होने के कारण यह ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के नियम पूरी तरह से निष्प्रभावी रहेंगे। भारत में इसका सूतक काल लागू नहीं होगा और धार्मिक गतिविधियों पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और पूजा-पाठ, खान-पान व दैनिक दिनचर्या सामान्य रूप से जारी रहेगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 12 अगस्त को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसके साथ ही यूरोप के अधिकांश देशों, उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों और अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी भागों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।