
चंडीगढ़: इस बार शहर के लोगों की तय समय से पहले गर्मियों की तपिश झेलने के लिए तैयार रहना होगा। मौसम का मौजूदा इस बात के साफ संकेत दे रहा है कि मार्च के मध्य में ही गर्मियां अपना असर दिखा सकती हैं। पिछले दिनों 16 फरवरी को 15 साल में तीसरा दफा फरवरी का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही तापमान 29 डिग्री को भी पार कर चुका है। अब, इस बार फरवरी के महीने में ही औसतन तापमान पिछले कई बरसों से ज्यादा चल रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड के बाद फरवरी में अचानक मौसम बदला। फरवरी और मार्च में बारिश के स्पैल लाने वाले वाला वैस्टर्न डिस्टरबैंस भी कमजोर रहा। एक तरफ वैस्टर्न डिस्टरबैंस कमजोर होता गया तो दूसरी तरफ हवाओं का पैट्रन भी बदल गया।सर्दियों में उत्तर भारत में बारिश और बर्फ गिराने वाले वैस्टर्न डिस्टरबैंस के स्पैल आए लेकिन बेहद कमजोर थे। वेस्टर्न डिस्टरबैंस के बादलों को उत्तर भारत पहुंचाने वाली सब ट्रैपिकल वैस्टर्ली जेट स्ट्रीम इस बार बाकी बरसों की अपेक्षा ज्यादा दिनों तक सक्रिय थी लेकिन डब्ल्यू डी जैसा सिस्टम कमजोर था। सर्दियों में पहाड़ों से लंबे समय तक बर्फीली हवाएं लाने वाली नार्थ ईस्टरर्ली हवाएं फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही थम गई। पहाड़ों पर भी ज्यादा बर्फबारी न होने से इन हवाओं में भी ठंडक कम होती चली गई। दूसरी तरफ पाकिस्तान से राजस्थान होकर पश्चिमी हवाएं और मध्य भारत से आने वाली साउन वैस्टर्ली हवाएं गर्म हो गई। दोनों ही दिशाओं से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पहुंचकर तापमान को अब बढ़ा रही है। इस हालात में मौसम विशेषज्ञें का मानना है कि मार्च के मध्य से ही गर्मियां सहने के लिए लोगों को तैयार रहना होगा।