डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर में 14 अप्रैल 2026 को 90वाँ वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ खेल तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का उत्साहपूर्वक सम्मान किया गया।

समारोह में पंजाब के राज्यपाल महामहिम श्री गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं महाविद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्र श्री अविनाश राय खन्ना विशिष्ट अतिथि रहे। समारोह में अन्य गणमान्य अतिथियों में पूर्व सांसद श्री सुशील रिंकू, पूर्व विधायक (जालंधर उत्तर) श्री के.डी. भंडारी, पूर्व विधायक (जालंधर सेंट्रल ) श्री मनोरंजन कालिया, पूर्व विधायक (जालंधर पश्चिम) श्री शीतल अंगुराल, एल.एम.सी. सदस्य श्री इंदरजीत तलवार, टैगोर हॉस्पिटल जालंधर के एम.डी. डॉ. विजय महाजन, श्री वाई.के. सूद, मानव सहयोग सोसायटी जालंधर से डॉ. सुषमा शर्मा एवं श्री विमल जैन, निष्काम सेवा भारती ट्रस्ट से डॉ. रविंदर वर्मा तथा एनवीआर फोर्जिंग जालंधर के श्री नवनीत जैन उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ महामहिम श्री गुलाब चंद कटारिया एवं अन्य अतिथियों द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की भावपूर्ण प्रस्तुति हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार, उप-प्राचार्य प्रो. कुॅंवर राजीव एवं प्रो. सोनिका दानिया, रजिस्ट्रार प्रो. अशोक कपूर तथा उप-रजिस्ट्रार प्रो. मनीष खन्ना ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अपने स्वागत भाषण में प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि डी.ए.वी. कॉलेज प्रबंधन समिति (डी.ए.वी.सी.एम.सी.) की स्थापना 1886 में समाज को शिक्षा के माध्यम से रूपांतरित करने के उद्देश्य से की गई थी, जो आज देश की सबसे बड़ी शिक्षा संस्थाओं में से एक बन चुकी है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के पूर्व छात्र राजनीति, प्रशासन, शिक्षा जगत तथा हॉकी ओलंपिक जैसे क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियाँ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने महामहिम राज्यपाल को “जनता के राज्यपाल” बताते हुए राज्य में नशा विरोधी पदयात्रा के लिए उनकी सराहना की। साथ ही, विशिष्ट अतिथि श्री अविनाश राय खन्ना की जल संरक्षण तथा पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों की वापसी हेतु किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की।

प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि महाविद्यालय को इंडिया टुडे–एमडीआरए सर्वेक्षण (2024 एवं 2025), द वीक सर्वेक्षण 2025 तथा टाइम्स ऑफ इंडिया की बीबीए रैंकिंग में जी.एन.डी.यू. से संबंधित सह-शिक्षा महाविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। महाविद्यालय को बेस्ट ग्रीन कैंपस इनिशिएटिव अवार्ड एवं चेंज मेकर अवार्ड भी प्राप्त हुए। विद्यार्थियों ने संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में प्रथम उपविजेता स्थान हासिल किया। संस्थान के इनोवेशन काउंसिल को शिक्षा मंत्रालय से 3-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई तथा सात सदस्यों को भारत सरकार द्वारा ‘इनोवेशन एंबेसडर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।

प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा 2008 से अब तक 3,900 से अधिक विद्यार्थियों को रोज़गार दिलाया गया है, जबकि वर्तमान सत्र में अधिकतम पैकेज 6.80 लाख रुपये प्रति वर्ष तक रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में 7 विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा 12 विश्वविद्यालय मेरिट स्थान प्राप्त किए। खेल क्षेत्र में महाविद्यालय ने जी.एन.डी.यू. अंतर महाविद्यालय हॉकी एवं फुटबॉल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा दो विद्यार्थी जूनियर हॉकी विश्व प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता टीम का हिस्सा बने। इस वर्ष संकाय सदस्यों द्वारा 6 पेटेंट दाखिल किए गए तथा अनेक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं तथा सम्मेलनों में प्रकाशित व प्रस्तुत किए गए।

मुख्य अतिथि महामहिम श्री गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में आर्य समाज एवं डी.ए.वी. प्रबंधन समिति के संस्थापकों को मूल्य-आधारित शिक्षा हेतु समर्पण के लिए सराहा। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा पद से नहीं, बल्कि उसके कर्म और आचरण से निर्धारित होती है। स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज के लिए उपयोगी बनना है। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में डी.ए.वी. की अग्रणी भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक अधिकतर छात्राएँ जीत रही हैं, जो इसी परंपरा का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक जीवन तथा समाज सेवा के लिए प्रेरित किया और कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ का सपना आज के विद्यार्थी और शिक्षक ही साकार करेंगे।

विशिष्ट अतिथि श्री अविनाश राय खन्ना ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियाँ सांझा कीं। उन्होंने कहा कि डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर ने उनके जीवन को दिशा दी और उन्हें अनुशासन तथा सेवा का मूल्य सिखाया। उन्होंने महाविद्यालय में पाँच समर्पित समूह बनाने का सुझाव दिया— जल बचाओ, बिजली बचाओ, पर्यावरण बचाओ, नशा मुक्त भारत, तथा स्वच्छ भारत— और समाज निर्माण के लिए सभी को एकजुट होने का आह्वान किया।

समारोह का मुख्य आकर्षण पुरस्कार वितरण रहा। इस अवसर पर डॉ. विजय महाजन, डॉ. सुषमा चोपड़ा, श्री विमल जैन, डॉ. रविंदर वर्मा तथा श्री नवनीत जैन एवं उनकी पत्नी को महाविद्यालय के प्रति उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 160 मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा प्रो. अशोक कपूर, संयोजक, पुरस्कार वितरण समारोह द्वारा की गई।

DAV कॉलेज जालंधर के पूर्व छात्र श्री नवीन नांगिया ने एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसने इस कार्यक्रम में जान डाल दी। स्टाफ काउंसिल के सचिव डॉ. ऋषि कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। प्रो. शरद मनोचा ने मंच संचालन किया।