

दिव्य ज्योति जागति संस्थान यूरोप द्वारा देव दुर्लभ गुरु पूर्णिमा का महापर्व दिव्य भवन मानतोवा (इटली) में मनाया गया, जिसमें संगतें श्रद्धा भाव के साथ पहुंचीं। इस कार्यक्रम में श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी सत्यमित्रानंद जी ने संगतों के समक्ष अपने विचार रखते हुए कहा कि गुरु पूजा का दिन एक शिष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन एक शिष्य भावों और प्रार्थना के साथ भक्ति मार्ग पर निरंतर चलते रहने का संकल्प करता है ताकि उसका विश्वास गुरु चरणों में दृढ़ हो और वह गुरुदेव की प्रसन्नता को प्राप्त कर सके।
आगे उन्होंने पूर्ण गुरु की महानता के बारे में समझाते हुए कहा कि जब तक एक जीव केवल मानने तक सीमित है, वह परमात को नहीं जान सकता, और केवल समय का पूर्ण सतगुरु ही एक जिज्ञासु का दसम द्वार खोलकर उसके अंतर्घट में प्रकाश को प्रकट कर देता है, जिससे एक जीव की अज्ञानता का नाश होता है और वह निरंतर परमात्मा का ध्यान करते हुए भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ता हुआ जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है।
इस मौके पर कार्यक्रम में शामिल होने वाले मेहमानों में भारतीय कॉन्सुलेट मिलान से कॉन्सुलर श्री लवनीय कुमार, श्री अतुल चहान और हिमांशु मौदगिल जी , मरमिरोलो नगर पालिका की मेयर एलेना बेतेघेला, कुरतातोने नगर पालिका से सलाहकार निकोलो अगोस्टा विशेष रूप से पहुंचे। इनके अलावा मंदिर कमेटियों और अन्य संस्थाओं द्वारा भी कार्यक्रम में शिरकत की गई। कॉन्सुलर श्री लवनीय कुमार जी ने इस मौके पर संस्थान की गतिविधियों को जानकर और सत्संग प्रवचन सुनकर आत्मिक प्रसन्नता का इज़हर किया और आगे भी पहुंचने की इच्छा प्रकट की। अंत में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आई हुई सभी संगतों का धन्यवाद किया गया।



