

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत चीन सीमा पर भारी बारिश के दौरान भूस्सखलन से कूलागाड़ बैली पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण व्यांस और दारमा की ऊंची घाटियों के लिए 75 घंटों तक बाधित रहा यातायात वैकल्पिक रास्ता बनने के बाद फिर शुरू हो गया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी । अधिकारियों के मुताबिक, सीमा सड़क संगठन ने कूलागाड़ पुल के पास एक वैकल्पिक सड़क बना दी है जिस पर शुक्रवार शाम से गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गया है । कूलागाड़ पुल 19 अगस्त को पहाड़ी से बड़े—बड़े पत्थर और चट्टानें गिरने के कारण ढह गया था जिससे व्यांस और दारमा घाटियों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया था । धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि बीआरओ के इंजीनियरों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर की गयी कार्यवाही के कारण वैकल्पिक रास्ता तैयार हो गया है


