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बैंकों को कृषि एवं सहायक धंधों के लिए अधिकतम ऋण देने के निर्देश

जालंधर, 7 सितंबर : जिला सलाहकार समिति की विशेष त्रैमासिक समीक्षा बैठक अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना की 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए निर्धारित लक्ष्यों एवं परिणामों की समीक्षा की गई।

जिले में कार्यरत सभी सरकारी, सहकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के कार्य का लेखा-जोखा बैठक के संयोजक एम. एस. मोती, प्रमुख जिला प्रबंधक, जालंधर ने समिति के समक्ष रखा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने बैंकों को कृषि एवं सहायक धंधों के लिए अधिक से अधिक ऋण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित एवं स्वयं सहायता समूहों की आवेदनों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सी.डी. अनुपात में सुधार लाने पर भी जोर दिया।

एल.डी.एम. ने बताया कि बैंकों ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए निर्धारित प्राथमिकता क्षेत्र के लक्ष्य 5200 करोड़ रुपये के मुकाबले 9825 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए और पहली तिमाही के सभी ऋण लक्ष्य पूरे कर लिए गए है। कृषि ऋण के 1217 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1456 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए है। उन्होंने बताया कि 30 जून 2026 तक 13871 करोड़ रुपये के कुल ऋण वितरित किए जा चुके है।

बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, चंडीगढ़ से यश भारद्वाज एल.डी.ओ., बैंकों के प्रतिनिधि, रूडसेट से निदेशक मनजीत सिंह, जिला कृषि कार्यालय से डा. जसवीर सिंह, डीडीएम नाबार्ड स्विता सिंह के अलावा बागवानी, मत्स्य पालन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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