
सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाया गया

मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिवस महान इंजीनियर, दूरदर्शी एवं राष्ट्र निर्माता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती को समर्पित था। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह तथा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव भाटिया के कुशल मार्गदर्शन में विभाग द्वारा “आज के युग में सिविल इंजीनियरों की भूमिका” विषय पर एक ज्ञानवर्धक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर अडानी सीमेंट, जालंधर की तकनीकी टीम के प्रमुख इंजीनियर सुरेश अरोड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने आधुनिक निर्माण उद्योग में सिविल इंजीनियरों की बदलती भूमिका एवं जिम्मेदारियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सीमेंट को एक महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, उन्होंने उचित निर्माण तकनीकों को अपनाने तथा क्षेत्र में हो रही तकनीकी प्रगति के साथ कदम मिलाकर चलने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
डॉ. राजीव भाटिया ने विशेषज्ञ वक्ता का परिचय करवाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “इंजीनियरिंग केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि समस्याओं के समाधान खोजने और बेहतर भविष्य के निर्माण का एक माध्यम है।” उन्होंने विद्यार्थियों को अपना तकनीकी ज्ञान, नवीन सोच एवं समस्या-समाधान कौशल निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे समाज की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार अपनाने, सतत विकास को बढ़ावा देने तथा सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल एवं जिम्मेदार निर्माण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम का समन्वय इंजीनियर कनव महाजन एवं इंजीनियर अमित खन्ना द्वारा किया गया। उनके प्रयासों से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर ने विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक सीखने का अवसर प्रदान किया तथा उनमें इंजीनियरिंग, नवाचार, जिम्मेदारी एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक मजबूत किया।



