
शिव ज्योति पब्लिक स्कूल में ‘मूल्य आधारित शिक्षा’ विषय पर क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम का सफल आयोजन

डॉ. विदुर ज्योति,चेयरमैन ट्रस्ट, डॉ. सुविक्रम ज्योति, चेयरमैन कम मैनेजर, मैनेजिंग कमेटी; जनरल सैक्रेटरी ट्रस्ट, की अध्यक्षता में तथा प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण सैली के कुशल नेतृत्त्व में दिनांक छब्बीस सितंबर को विद्यालय में शिक्षकों के लिए ‘क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम’ (CBP) के अंतर्गत ‘मूल्य शिक्षा’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CBSE,COE) द्वारा ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ के अंतर्गत इस सेमिनार में विद्यालय के साठ शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
● ‘दुर्गा द्वार’ पर स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि और सरस्वती देवी के समक्ष ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ विद्यार्थियों द्वारा की गई सरस्वती-वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। ‘टीचर्स प्रेयर’ के उपरांत प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण सैली ने CBSE रिसोर्सपर्सन्स के रूप में उपस्थित श्रीमती किरणदीप कौर खरबंदा (कुंदन विद्या मंदिर सी.सै.स्कूल,सिविल लाइंस, लुधियाना) तथा श्री अमित (केम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल फ़ॉर गर्ल्ज़,अर्बन एस्टेट, जालंधर) का विद्यालय में पधारने पर हार्दिक स्वागत किया गया।
● सेमिनार में श्रीमती किरणदीप कौर खरबंदा तथा श्रीमान अमित ने शिक्षकों को बताया कि ‘मूल्य आधारित शिक्षा’ का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक, मानवीय तथा सामाजिक गुणों का विकास करना है। युवा पीढ़ी में तेज़ी से घटते हुए नैतिक मूल्यों पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने शिक्षकों के साथ खुलकर बात की, कि कैसे विद्यार्थी कैरियर और तकनीक में निपुण होते जा रहे हैं परंतु उनकी मानवीय संवेदनाएँ पीछे छूटती जा रही हैं। उन्होंने कई मनोरंजक और शिक्षाप्रद गतिविधियों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि भावी पीढ़ी के लिए चरित्र-निर्माण और मूल्य शिक्षा क्यों आवश्यक है।
उन्होंने स्वस्थ समाज की कल्पना के लिए चरित्र-निर्माण को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए भी कई टिप्स दिए और बताया कि किस प्रकार विषयानुकूल गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जानी चाहिए।
● उपस्थित शिक्षकों ने भी वैचारिक मंथन करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थियों में ईमानदारी, सहिष्णुता, दया-भावना, उत्तरदायित्व, और बड़ों का सम्मान करने के संस्कार नहीं होंगे, तो शिक्षा अधूरी रह जाएगी। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि हम सब मिलकर ही एक संवेदनशील और आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं।
● श्रीमती प्रवीण सैली ने सेमीनार के सफल समापन पर हर्ष प्रकट करते हुए बताया कि ऐसे प्रशिक्षण-कार्यक्रम केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहने चाहिए बल्कि इससे निकलने वाले निष्कर्ष को कक्षाओं में व्यावहारिक रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने उपप्रधानाचार्या श्रीमती रमनदीप तथा सहायक उपप्रधानाचार्या श्रीमती ममता अरोड़ा के साथ वक्ताओं को स्मृति-चिह्न देकर उनका आभार प्रकट किया। सेमिनार का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ



