
शिव ज्योति पब्लिक स्कूल में ‘संस्थापक स्मृति दिवस’ पर समाज-सेवा और छात्र-कल्याण को समर्पित महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन

जालंधर: ● डॉ. विदुर ज्योति,चेयरमैन ट्रस्ट, डॉ. सुविक्रम ज्योति, चेयरमैन कम मैनेजर, मैनेजिंग कमेटी; जनरल सैक्रेटरी ट्रस्ट, डॉ.सुमन ज्योति, डायरेक्टर SJPS & SJES, ट्रस्टी तथा प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण सैली की अध्यक्षता में, उपप्रधानाचार्या श्रीमती रमनदीप तथा सहायक उपप्रधानाचार्या श्रीमती ममता अरोड़ा के सहयोग से दिनांक 03 अक्तूबर 2026 को विद्यालय में बहुत ही आदर और श्रद्धा के साथ ‘संस्थापक स्मृति दिवस’ मनाया गया।
एडवोकेट श्री संजय सभ्रवाल (ट्रस्टी एवं मेंबर ऑफ मैनेजिंग कमेटी), डॉ. (श्रीमती) उषा कपूर (चैयरपर्सन; लोकल एडवाइजरी कमेटी SJPS), डॉ. सुमंत्र ज्योति (ट्रस्टी एवं मेंबर ऑफ मैनेजिंग कमेटी), डॉ. सुमति (मेंबर ऑफ मैनेजिंग कमेटी), डॉ. आकांक्षा (मेंबर ऑफ मैनेजिंग कमेटी), डॉ. आशीष कौशल (मेंबर ऑफ मैनेजिंग कमेटी), श्री आर.आर.पी. शारदा (ट्रस्टी), श्रीमती विभा शारदा (मैनेजर, शिव देवी गर्ल्ज़ हाई स्कूल), डॉ. अनिल ज्योति (ट्रस्टी) तथा एडवोकेट अशोक परूथी (ट्रस्टी) समागम में विशेष रूप से सम्मिलित हुए।
● ‘दुर्गा द्वार’ पर स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के पश्चात भजनों के मधुरिम स्वर के साथ स्वर्गीय संस्थापकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस विशेष दिवस पर संस्थान द्वारा समाज-सेवा और छात्र-कल्याण के लिए समर्पित कई महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया:-
• सर्वप्रथम संस्थापकों की स्मृति में विद्यालय के महिला स्टाफ़ के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निःशुल्क मैमोग्राफी कैंप (स्तन कैंसर जाँच शिविर) का आयोजन किया गया। इस कैंप में 40+ आयु की सभी महिला स्टाफ़ ने अपनी जाँच करवाई। ‘न्यू रूबी अस्पताल’ तथा रोटरी क्लब जालंधर (वेस्ट) के सौजन्य से विशेषज्ञों की टीम ने महिलाओं को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों और समय पर जाँच करवाने के बारे में जागरूक किया।
• विद्यार्थियों द्वारा डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते उपयोग से आँखों की सुरक्षा तथा दृष्टि-दोष का समय पर पता लगाने के उद्देश्य से ‘थिंद आई अस्पताल’ के नेत्र-रोग विशेषज्ञों की टीम की देखरेख में निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का आयोजन किया गया। जाँच के दौरान टीम द्वारा प्रभावित विद्यार्थियों और स्टाफ़ को उचित परामर्श भी दिए गए।
• विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को ऊँचा उठाने और उन्हें सही दिशा दिखाने के लिए विशेष काउंसलिंग और इंटरेक्शन सत्र भी आयोजित किए गए जिसमें डॉ. सुविक्रम ज्योति ने विद्यार्थी परिषद के सदस्यों को शैक्षणिक स्तर को ऊँचा उठाने में उनकी भूमिका, सोशल मीडिया के भ्रम, ड्रग्स और एनर्जी ड्रिंक्स के दुष्प्रभावों के के बारे में विद्यार्थियों के साथ विचार-मंथन किया। उन्होंने माता-पिता और बच्चों के बीच कम होते संवाद के कारणों पर भी खुलकर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थी परिषद को डिजिटल युग में अनुशासित रहकर, पढ़ाई के प्रभावी तरीकों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के व्यावहारिक टिप्स दिए।
• डॉ.आकांक्षा ने नौवीं से बारहवीं कक्षा की छात्राओं को प्रभावी संवाद-सत्र के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर के बारे में भ्रम, लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर इसके उपचार को समझाते हुए सभी छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने के लिए जागरूक किया।
• अगले सत्र में मनोवैज्ञानिक श्रीमती कनिका ने नौवीं से बारहवीं कक्षा के युवा छात्रों के साथ बातचीत करते हुए डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते उपयोग और आपसी संवाद की कमी के मनोवैज्ञानिक कारणों की चर्चा की। उन्होंने छात्रों को जागरूक किया कि वे अपने मन की बातें, तनाव और विचार बिना किसी झिझक के अपने माता-पिता के साथ साँझा किया करें। छात्रों के साथ सोशल मीडिया और ड्रग्स के दुष्परिणामों पर भी सार्थक चर्चा की गई एवं तनाव और अवसाद से बचने के टिप्स भी दिए गए।
• विद्यालय के शिक्षकों ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कई नवाचार विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने दिखाया कि वे विद्यालय में प्रतिदिन किस प्रकार आधुनिक तकनीकों, दृश्यों और गतिविधियों का उपयोग करके, विषय को विद्यार्थियों के लिए आसान और रोचक बनाया जाता है। इस सत्र में शिक्षकों ने ‘करके सीखने’ पर विशेष बल देते हुए रोचक, आकर्षक और अनुभवात्मक शिक्षण को प्रभावी बनाने के अपने-अपने अनुभव साँझा किए, जिसकी डॉ. सुविक्रम ज्योति जी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
डॉ. विदुर ज्योति जी ने शिक्षकों के सार्थक प्रयासों की सराहना की और एक ‘लाइट हाउस’ की भांति विद्यार्थियों के पथ को प्रकाशित करते रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने संस्थापकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित सदस्यों का आभार प्रकट किया।
● प्रधानाचार्या श्रीमती प्रवीण सैली ने बताया कि संस्था के संस्थापकों की दूरदर्शिता में एक स्वस्थ समाज और शिक्षित युवा-पीढ़ी का निर्माण करना था। आज का यह आयोजन उसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उनके नेतृत्त्व में विद्यालय में उपस्थित सभी सदस्यों ने स्वर्गीय संस्थापकों की पुण्य-स्मृति में नतमस्तक होते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।



