
अशोक कुमार मित्तल ने ‘सेवा संकल्प – राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ में नेताओं, विभिन्न धर्म परंपराओं, देशों के राजदूतों और खेल जगत के चैंपियनों को एक मंच पर इकट्ठा किया

* नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन के 25 वर्षों को चिह्नित किया गया; भारत का गौरव बढ़ाने वाले एशियाई खेलों के चैंपियनों का सम्मान किया गया
जालंधर, 8 अक्टूबर 2026: बुधवार को नई दिल्ली के इंडिया गेट एम्फीथिएटर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह ‘सेवा संकल्प – राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ में आस्था, जनसेवा, राष्ट्रीय जिम्मेदारी और खेल उत्कृष्टता का प्रभावशाली संगम देखने को मिला।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल, सदस्य, राज्यसभा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, युवाओं, सांस्कृतिक हस्तियों और खेल जगत के चैंपियनों ने भाग लिया और सेवा, सद्भाव, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण जैसे व्यापक विषयों पर विचार साझा किए।
इस समारोह में कई विशिष्ट राजनीतिक अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें श्री संदीप पाठक, सदस्य राज्यसभा; श्री जगदंबिका पाल, सदस्य लोकसभा; श्री संजय गोयल, सदस्य दिल्ली विधानसभा (विधायक), शाहदरा; श्री दीपक म्हास्के, राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक, भाजपा; तथा डॉ. अश्विन फर्नांडिस, चेयर, क्यू एस इंडिया (QS India) एवं वाइस प्रेसिडेंट, स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेश्नल एंगेजमेंट क्यूएस (Strategic and International Engagement, QS), सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल रहे।
शाम को विभिन्न धर्म परंपराओं के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर एकत्रित हुए, जिसने भारत की धार्मिक विविधता और साझा राष्ट्रीय उद्देश्य के संदेश को मजबूत किया। कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना, सेवा और सार्वजनिक जिम्मेदारी पर विचार, डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। कार्यक्रम के क्रम में विभिन्न धर्म परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रार्थनाएं प्रस्तुत की गईं, जिसके बाद धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया।
इस समारोह में विभिन्न परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख आध्यात्मिक एवं धर्मगुरु भी शामिल हुए, जिनमें श्री मरज़बान नरीमन ज़ैवाला, ट्रस्टी दिल्ली पारसी अंजुमन; योग मनीषी आचार्य श्री विवेक मुनि जी महाराज, संस्थापक आचार्य सुशील मुनि मिशन; ज्ञानी दिलबाग सिंह जी, हेड ग्रंथी गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब; स्वामी राजेश्वरा नंद जी, चेयरमैन संत समाज दल; गोस्वामी सुशील जी महाराज, राष्ट्रीय संयोजक भारतीय सर्व धर्म संसद; साहिबज़ादा जिया निज़ामी, साहिबज़ादा, हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह; भंते दीपांकर सुमेधो, चेयरमैन बुद्धिस्ट कल्चर फाउंडेशन इंडिया (Buddhist Cultural Foundation India); तथा श्रीमती कार्मेल त्रिपाठी, निदेशक बहाई ऑफ़िस ऑफ़ पब्लिक अफ़ेयर्स (Baha’i Office of Public Affairs) शामिल रहे।
इनकी सहभागिता ने सेवा संकल्प के केंद्रीय संदेश को रेखांकित किया कि भारत की विभिन्न आस्थाएं सेवा, सद्भाव, करुणा और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की साझा भावना के साथ एकजुट हो सकती हैं।
विभिन्न राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें निकारागुआ, चाड, बुरुंडी, लाइबेरिया, मेडागास्कर, जॉर्डन, रूस, कैमरून, बोत्सवाना, लेसोथो, वेनेजुएला, अंगोला, बुर्किना फासो, नाइजर और इज़राइल सहित देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल थे।
शाम का एक प्रमुख आकर्षण 2026 एशियाई खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान रहा। खिलाड़ियों को एक-एक करके मंच पर आमंत्रित किया गया और डॉ. अशोक कुमार मित्तल सहित वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में उनकी मेहनत, अनुशासन और भारत की खेल उपलब्धियों में उनके योगदान का सम्मान किया गया।
सम्मानित खिलाड़ियों में नीरू धांडा, अमन सहरावत, अंतिम पंघाल, सुजीत कलकल, कमलजीत, नितेश सिवाच, पूजा सिंह, किरण पहल, सतनाम सिंह, मनीषा कीर, हिमांशु ढिल्लों, साक्षी राणा और सलमान खान शामिल थे। इन खिलाड़ियों ने शूटिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स, रोइंग और हॉकी सहित विभिन्न खेल विधाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार मित्तल, सांसद (राज्यसभा), ने कहा, “मेरे लिए यह केवल एक समारोह नहीं है; बल्कि यह एक ऐसे व्यक्ति की 25 वर्षों की यात्रा को याद करने का यज्ञ है, जिसने अपने जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा जनसेवा के लिए समर्पित किया है। गुजरात से दिल्ली तक नरेंद्र मोदी जी की यात्रा जन जिम्मेदारी, विश्वास और सेवा की यात्रा रही है। पिछले 25 वर्ष हमें बहुत कुछ याद करने और उसका उत्सव मनाने का अवसर देते हैं, लेकिन हमारी नजरें अगले 25 वर्षों पर भी होनी चाहिए। आज इंडिया गेट से हम अब तक की इस यात्रा को नमन करते हैं और एक विकसित, मजबूत तथा वैश्विक नेतृत्व करने वाले भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेते हैं। अगले 25 वर्षों के लिए, हम इसे करके दिखाएंगे।”
कार्यक्रम में शासन के 25 वर्षों को समर्पित एक गीत का शुभारंभ भी किया गया, जिसके बाद युवाओं के नेतृत्व में सेवा संकल्प की शपथ दिलाई गई। सात चयनित युवा प्रतिभागियों ने इस शपथ का नेतृत्व किया, जो सेवा और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों को आगे बढ़ाने में अगली पीढ़ी की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
शाम का समापन ‘साउंड्स ऑफ सेवा (Sounds of Seva)’ के साथ हुआ, जिसमें भारत की विविध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का उत्सव मनाने वाली लाइव संगीत प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का समापन एकता और सामूहिक उत्सव के संदेश के साथ हुआ।
इस समारोह ने एक सरल लेकिन प्रभावशाली संदेश को रेखांकित करने का प्रयास किया: भारत की शक्ति उसकी विविधता में है, लेकिन उसका भविष्य इस बात से आकार लेता है कि उसके लोग राष्ट्रसेवा के लिए एक साथ आने की इच्छा रखते हैं।



