डी.ए.वी. महाविद्यालय, जालंधर के विद्यार्थियों ने वेरका मिल्क प्लांट में डेयरी उद्योग की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की

डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग ने ‘कौटिल्य अर्थशास्त्र समिति’ के तत्वावधान में जालंधर के मकसूदाँ स्थित वेरका दुग्ध संयंत्र का एक दिवसीय शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया।
30 विद्यार्थियों के इस दल का नेतृत्व अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार खुराना तथा ‘कौटिल्य अर्थशास्त्र समिति’ की प्रभारी डॉ. सीमा ने किया। दुग्ध संयंत्र के भ्रमण के दौरान पवन पासी और कुलदीप जी ने विद्यार्थियों को संयंत्र की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रक्रियाओं तथा गुणवत्ता-नियंत्रण के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विद्यार्थियों को दुग्ध उद्योग से संबंधित विभिन्न महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं, जैसे वसा-रहित दुग्ध ठोस पदार्थ तथा तीव्र गति से बिकने वाली उपभोक्ता वस्तुओं के विषय में भी अवगत करवाया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें दुग्ध चूर्ण, घी और खीर के उत्पादन, दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग तथा विभिन्न प्रकार के दूध में वसा की मात्रा के बारे में जानकारी दी गई। वेरका प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों का स्वागत मीठी लस्सी पिलाकर किया।
भ्रमण के पश्चात् विपणन प्रबंधक डी.के. यादव तथा महाप्रबंधक हरमिंदर सिंह संधू ने विद्यार्थियों के साथ लगभग डेढ़ घंटे का संवादात्मक सत्र आयोजित किया। इस सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को दुग्ध उत्पादों, उत्पादों की पहचान स्थापित करने, विपणन रणनीतियों तथा औद्योगिक कार्यप्रणाली की गहन जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने विपणन योग्य अधिशेष, खुले दूध की तुलना में पैकेटबंद दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के महत्त्व तथा किसानों की आय बढ़ाने में दुग्ध व्यवसाय की आर्थिक भूमिका के विषय में भी सीखा।
इस संवाद सत्र में उत्पादन लागत, मूल्य निर्धारण एवं माँग, प्रसंस्करण तकनीक, बड़े पैमाने पर उत्पादन से प्राप्त होने वाले लाभ, ग्रामीण विकास, समावेशी विकास, सहकारी स्वामित्व, किसानों की मोलभाव करने की क्षमता, उद्यमिता तथा दुग्ध-आधारित मूल्य-शृंखला के विकास जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने में दुग्ध प्रसंस्करण उद्योग की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में नैतिक मूल्यों के महत्त्व पर भी बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कौटिल्य अर्थशास्त्र समिति की अध्यक्षा सलोनी कंबोज के स्वागत भाषण से हुआ तथा समापन समिति के अध्यक्ष अंकुर अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। डॉ. सुरेश कुमार खुराना ने विशिष्ट अतिथियों को महाविद्यालय एवं विभाग का परिचय दिया और इस शैक्षणिक भ्रमण के आयोजन में सहयोग देने के लिए वेरका के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी टीम के साथ एस. हरमिंदर सिंह संधू को सम्मानस्वरूप स्मृति-चिह्न भेंट किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का समापन अत्यंत सुखद वातावरण में हुआ। विद्यार्थियों के लिए डॉ. सुरेश कुमार खुराना तथा डॉ. सीमा ने विशेष रूप से खीर की व्यवस्था की थी।
विभाग के प्राध्यापकों ने इस भ्रमण के आयोजन की अनुमति प्रदान करने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. अनूप कुमार ने दोहराया कि डीएवी कॉलेज, जालंधर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। उन्होंने इस शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण के सफल आयोजन हेतु अर्थशास्त्र विभाग के समर्पित एवं सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की।


