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जहाँ सुरों से सँवरता है भविष्य — सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र की “19वीं निःशुल्क प्रतियोगिता” का आयोजन होने जा रहा है

सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा निःशुल्क 19वीं अंतर राज्यीय सांगीतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है l जिसमें कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता आध्यात्मिक एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित गीतों पर होगी। प्राचार्य दीपेंद्र कांत ने बताया कि आज के इस कलियुगी वातावरण में बच्चों को संगीत के माध्यम से सही राह पर लाने के प्रयास हेतु ये प्रतियोगिता प्रति वर्ष पंजाब के लुधियाना से जम्मू तक आयोजित की जाती है। इस वर्ष भी की जा रही है, जैसा कि विद्यार्थी जीवन में संगीत का अहम स्थान है । संगीत विद्यार्थियों को शारीरिक व मानसिक रोगों व व्याधियों से मुक्ति प्रदान करता है। संगीत की तीनों विधाएं गायन, वादन व नृत्य ना केवल स्वर ,ताल व लय की साधना है बल्कि एक यौगिक क्रिया है। जिससे शरीर मन व प्राण तीनों में शुद्धता और चेतनता आती है। अतः विद्यार्थियों के हित हेतु यह प्रतियोगिता पिछले वर्ष की तरह आगामी वर्ष में भी समूह गान, समूह नृत्य , समूह लोक नृत्य, शास्त्रीय एकल नृत्य , शास्त्रीय एकल गायन, रंगोली एवं नुक्कड नाटक आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
इस प्रतियोगिता में सभी स्कूल बढ़ चढ़कर भाग लें, साथ ही यह भी बताया कि उपरोक्त प्रतियोगिता आठ शहरों में आयोजित की जा रही हैं जिनमें अमृतसर ,लुधियाना, बटाला,होशियारपुर ,पठानकोट , जम्मू, फगवाड़ा ,जालंधर आदि ।
लुधियाना शहर में ये प्रतियोगिता 30 अक्टूबर से प्रारम्भ होकर भिन्न शहरों में आयोजित की जाएगील प्रत्येक शहर से जो स्कूल जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करेंगे उनके मध्य 27 नवंबर 2026 को जालंधर मे स्थित सी. टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस शाहपुर कैंपस आडिटोरियम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। २ दिसंबर को जालंधर में प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु प्रथम स्थान हासिल करने वालों को 5100 रूपए, द्वितीय स्थान हासिल करने वालों को 3100 रूपए एवं तृतीय स्थान हासिल करने वालों को 2100 रुपए पुरुस्कार स्वरूप दिए जाएंगे। यह भी कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से ना केवल आपके मन बुद्धि और विवेक का संचालन ठीक दिशा में होता है बल्कि ऐसी प्रतियोगिता में भाग लेने से अपनी सकारात्मक ऊर्जा का सही इस्तेमाल कर सकते हैं इससे ना केवल आप अपने माता पिता, विद्यालय बल्कि अपने देश का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा सकते हैं ।
साथ ही यह भी बता दें कि – सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र की संपूर्ण भारत में 22 शाखाएं हैं और सभी शाखाएं प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से मान्यता प्राप्त हैं । इनमें कुशल अध्यापकों द्वारा हजारों विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत की विद्या दी जा रही है।

आपकी जानकारी हेतु बता दें कि ये प्रतियोगिता पूर्ण रूप से निशुल्क है किसी भी विद्यर्थी या संस्था से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है ात अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में स्कूल विद्यार्थी भाग लें। किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु इवेंट इंचार्ज श्री रविंद्र सचदेवा +91 90417 66995 से संपर्क कर सकते हैं l

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