
जहां कांग्रेस हारती है, वहां ईवीएम और वोट चोरी का शोर मचाती है : केवल सिंह ढिल्लों*

पटियाला / चंडीगढ़, 30 अक्तूबर ( ): पंजाब भाजप ने शुक्रवार को पटियाला में दोपहर 12.15 बजे के करीब ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। लेकिन विपक्षी पार्टियों को यह बात हजम नहीं हो रही। इसलिए वे लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व पंजाब भाजपा प्रभारी डा. सतीश पूनिया, राज्यसभा सदस्य व पंजाब भाजपा की सह प्रभारी अलका गुर्जर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व लोकसभा सांसद महारानी परनीत कौर, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष जयइंदर कौर, पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन, महासचिव जीवन गर्ग और महासचिव राजेश बाघा भी उपस्थित रहे।
ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेस दोहरे मापदंड अपनाती है। जिस राज्य में कांग्रेस जीत जाए, वहां लोकतंत्र और ईवीएम सब कुछ ठीक और जहां हार जाए है, वहां इनके नेता ईवीएम और वोट चोरी का शोर मचाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। जनता के फैसले को वोट चोरी कहना लोकतंत्र और मतदाताओं के फैसले का अपमान है। हार का ठीकरा ईवीएम के सिर फोड़ने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता।
उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का मकसद मतदाता सूचियों को अपडेट करना है। इस प्रक्रिया के दौरान डुप्लीकेट वोटों, मृत व्यक्तियों और पते पर न मिलने वाले मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक तौर पर चमकाने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर के मुद्दे को बेवजह उछाल रहे हैं।
ढिल्लों ने कहा कि भाजपा के नेता लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। पिछले तीन महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर आए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो बार पंजाब पहुंचे और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तीसरी बार पंजाब की धरती पर लोगों के बीच पहुंचे हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा के नेता पंजाब और यहां के लोगों से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। कर्नाटक में तो कांग्रेस की अपनी सरकार है। अब कांग्रेस बताए कि इन चुनावों में ईवीएम या एसआईआर कहां थे?
*पंजाब में ‘आप’ सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की-*
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर बरसते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल वोट चोरी के मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन पंजाब में उनकी अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान लोकतंत्र के साथ हुई कथित धांधलियों पर वे चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि नगर निगम और नगर परिषद चुनावों के दौरान विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीनने, फाड़ने, उम्मीदवारों को धमकाने और मारपीट करने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। ये चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि पटियाला, मोगा और बाघा पुराना में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोबारा चुनाव कराने के फैसले को भी गंभीरता से देखने की जरूरत है। यदि दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर शोर मचाया जा रहा है तो पंजाब में चुनावों के दौरान हुई कथित धांधलियों पर केजरीवाल जवाब क्यों नहीं देते?
ढिल्लों ने कहा कि प्रदेश में नशे, हत्याओं, फिरौतियों और आपराधिक घटनाओं ने लोगों में डर का माहौल पैदा किया हुआ है। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटे की हत्या समेत ऐसे गंभीर मामलों पर भी केजरीवाल की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब को आज एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो लोगों की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य, नशा मुक्ति और प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दे। पंजाब के महान इतिहास और महाराजा रणजीत सिंह के राज की विरासत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की शान, अमन-शांति और खुशहाली को फिर से मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा।
*पंजाब के माथे पर कलंक भगवंत मान : सुनील जाखड़-*
पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस मौके पर कहा कि भगवंत मान पंजाब के माथे पर कलंक हैं। वह नाम के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अपनी पगड़ी अरविंद केजरीवाल, मनीश सिसोदिया के कदमों में रख दी है। पंजाब के फैसले मान नहीं बल्कि दिल्ली से नकारे गए लुटेरे ले रहे हैं।
*विपक्षी दलों ने लोकतंत्र को खतरे में डाला : महारानी परनीत कौर-*
महारानी परनीत कौर ने कहा कि विपक्षी दलों ने लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है। एसआईआर पर सवाल उठाकर उन्होंने देश की अस्मिता पर हमला किया है। चुनाव आयोग देश की संवैधानिक संस्था है। विपक्षी दलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सामना करने का दम नहीं है। इसलिए वे देश की हर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।



