
दोहरी खुशियों से जगमगाया एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधरः चेयरपर्सन श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया का जन्मदिवस एवं 27वीं बार ज़ोनल यूथ फेस्टिवल ट्रॉफी जीतने का गौरवपूर्ण उत्सव

एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर में दोहरी खुशियों का माहौल उस समय देखने को मिला, जब एपीजे एजुकेशन की चेयरपर्सन आदरणीय श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया जी का जन्मदिवस हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया। यह अवसर कॉलेज के लिए और भी विशेष बन गया, क्योंकि संस्थान ने 27वीं बार ज़ोनल यूथ फेस्टिवल की प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीतकर एक नया गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीरजा ढींगरा, समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की कामना की। साथ ही, ज़ोनल यूथ फेस्टिवल में 27वीं बार ट्रॉफी जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर समूचे एपीजे परिवार को बधाई दी गई।
श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया जी ने अपने जीवन की प्रेरणा का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सेठ सत्य पाल जी का व्यक्तित्व और जीवन-संघर्ष उनके लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। एक साधारण व्यक्ति से असाधारण व्यक्तित्व तक का उनका सफर दृढ़ संकल्प, परिश्रम, दूरदर्शिता और मानवीय मूल्यों का अद्भुत उदाहरण है। उनके जीवन से प्राप्त संस्कारों और प्रेरणा ने श्रीमती बर्लिया जी के व्यक्तित्व एवं दृष्टिकोण को गहराई से प्रभावित किया है। अपने संदेश में श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया जी ने कॉलेज के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “हम सभी के भीतर एक दिव्य चिंगारी विद्यमान है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने और अपने भीतर छिपी उस दिव्यता को जागृत करने की है। उन्होंने सभी को अपने अंतर्मन में उस दिव्य चिंगारी और मानवीय संवेदना को खोजने, उसे विकसित करने तथा अपने जीवन में मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।” उनका संदेश आत्मिक चेतना, सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों की स्थापना का सुंदर आह्वान था।
इस विशेष अवसर पर उनके असाधारण जीवन, उपलब्धियों, दूरदर्शी सोच तथा शिक्षा, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित करती हुई एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस फिल्म के माध्यम से उनके प्रेरणादायी जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया गया। उन्होंने ज़ोनल यूथ फेस्टिवल में 27वीं बार ट्रॉफी जीतने की उपलब्धि पर कॉलेज के समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता को सामूहिक समर्पण, अथक परिश्रम, अनुशासन, रचनात्मकता और टीम भावना का परिणाम बताया तथा पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया ने अपने संदेश में सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकवृंद को यह शपथ दिलाई कि हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कम से कम पांच लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने की कोशिश करनी है, पांच लोगों का आभार व्यक्त करना है, और कम से कम एक व्यक्ति की मदद जरूर करनी है और अपने अतीत से शिक्षा लेते हुए अपने सुखद भविष्य के निर्माण में दिन-रात मेहनत करते हुए न केवल अपने विकास की राह का निर्माण करना है बल्कि दूसरों के विकास में भी अपना योगदान देना है।
प्राचार्य डॉ. नीरजा ढींगरा ने इस कार्यक्रम की अपार सफलता के लिए कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सिमकी देव एवं डॉ. पायल अरोरा के प्रयासों की भरपूर सराहना की। मैडम चेतना शर्मा के सफल मंच संचालन ने कार्यक्रम की शोभा को चार चांद लगा दिए। इस विशेष अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया जी के प्रति अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए शिक्षा, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणादायी व्यक्तित्व तथा उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।



