
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर नोबेल पुरस्कार विजेताओं तक: एलपीयू में 25 वर्षों से ग्लोबल ख्याति प्राप्त हस्तियों का शानदार सफर

* राष्ट्रीय नेताओं और नोबेल पुरस्कार विजेताओं से लेकर खेल चैंपियनों, उद्यमियों और प्रसिद्ध कल्चर हस्तियों तक, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के कैंपस में होने वाले ये आयोजन एजुकेशन को रियल वर्ल्ड एक्सपीरियंस और विविध दृष्टिकोणों से जोड़ने के यूनिवर्सिटी के प्रयासों को दर्शाते हैं।
जालंधर, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी 25 साल की यात्रा पूरी करने के अवसर पर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के कैंपस में आने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों की सूची यह दिखाती है कि यहाँ का अनुभव केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है। यह छात्रों को राजनीति, विज्ञान, खेल, व्यवसाय और संस्कृति को आकार देने वाली प्रमुख हस्तियों और विचारों से जोड़ता है।
एलपीयू के कैंपस में आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं। इसके अलावा, ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई जैसी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हस्तियों का यहाँ आना, यूनिवर्सिटी के ग्लोबल अफेयर्स और लीडरशिप से जुड़े जुड़ाव को दर्शाता है।
यूनिवर्सिटी में आने वाली हस्तियों में मनोरंजन, खेल और लोकप्रिय संस्कृति से जुड़े कई नाम शामिल हैं, जिनमें शाहरुख खान, अक्षय कुमार, सोनू सूद, रणबीर कपूर और करण औजला के साथ-साथ क्रिकेट स्टार एम. एस. धोनी और ईशान किशन आदि शामिल हैं। खेल और राष्ट्रीय उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करने वालों में ओलंपिक जैवलिन चैंपियन नीरज चोपड़ा, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय वायु सेना के अधिकारी व अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। जिन्होंने खेल, राष्ट्र सेवा और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।
उद्यमिता और व्यावसायिक नेतृत्व के क्षेत्र से भी कई प्रमुख हस्तियाँ यहाँ आई हैं, जिनमें बोलैंट इंडस्ट्रीज के श्रीकांत बोला; थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज के संस्थापक डॉ. अरोकियास्वामी वेलुमणि; हीरानंदानी ग्रुप के सह-संस्थापक निरंजन हीरानंदानी; उद्यमी, लेखक और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू; शुगर कॉस्मेटिक्स की सह-संस्थापक और सीईओ विनीता सिंह; और बोट के सह-संस्थापक अमन गुप्ता शामिल हैं। इन हस्तियों की यात्राएँ व्यवसाय बनाने, इनोवेशन और बदलते प्रोफेशनल माहौल में आगे बढ़ने के बारे में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करती हैं। एलपीयू का विज्ञान, शिक्षा और आध्यात्मिक विचारों से जुड़ाव रहा है। इसमें इसरो के चेयरमैन और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन; नोबेल पुरस्कार विजेता एफ. डंकन एम. हाल्डेन; नोबेल पुरस्कार विजेता अवराम हर्शको; 14वें दलाई लामा; आध्यात्मिक वक्ता और लेखक गौर गोपाल दास; आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी; और शिक्षक व ज्ञान प्रसारक खान सर जैसी हस्तियां शामिल हैं। इन अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों का आना यह दिखाता है कि विचारों की कितनी व्यापक विविधता एक यूनिवर्सिटी के माहौल को समृद्ध बना सकती है।
वैज्ञानिक विचारों का आदान-प्रदान एलपीयू की एकेडमिक गतिविधियों का एक अहम हिस्सा रहा है। यूनिवर्सिटी में आयोजित 106वीं इंडियन साइंस कांग्रेस के दौरान, नोबेल पुरस्कार विजेता अवराम हर्शको और एफ. डंकन एम. हाल्डेन ने प्रतिनिधियों को संबोधित किया। हर्शको को प्रोटीन डिग्रेडेशन (प्रोटीन के विघटन) से जुड़ी खोजों के लिए 2004 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला था, जबकि हाल्डेन को पदार्थ के टोपोलॉजिकल चरणों से जुड़ी सैद्धांतिक खोजों के लिए 2016 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। उनकी भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रिसर्च कार्य एकेडमिक माहौल तक पहुंचे, जो नए और क्रांतिकारी वैज्ञानिक विचारों से जुड़ने के महत्व को दर्शाता है।
ये गतिविधियां दिखाती हैं कि कैंपस में होने वाले ऐसे आयोजन औपचारिक शिक्षा को कैसे बेहतर बना सकते हैं। इनसे छात्रों को करियर के अलग-अलग रास्तों, प्रोफेशनल सफर और रियल वर्ल्ड एक्सपीरियंस के बारे में जानने का मौका मिलता है। नेताओं, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, खिलाड़ियों और रचनात्मक पेशेवरों के साथ बातचीत करने से छात्रों का नजरिया बेहतर होता है, उनमें जिज्ञासा बढ़ती है, और उन्हें अपनी पढ़ाई को अपने चुने हुए क्षेत्रों से परे मौजूद अवसरों से जोड़ने में मदद मिलती है।
एलपीयू के 25 साल पूरे होने पर, इसका सफर यह बताता है कि केवल शैक्षणिक कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के अलावा भी कई अनुभव कितने महत्वपूर्ण होते हैं। विश्वविद्यालय शिक्षा में क्रांति लाने के अपने व्यापक दृष्टिकोण के तहत, अनुभवात्मक शिक्षा, नवाचार, उद्योग जगत से जुड़ाव और वैश्विक स्तर के अनुभवों पर लगातार जोर देता रहा है। अब अपने सफर के अगले चरण में, एलपीयू एक ऐसा माहौल बनाना चाहता है जहां शैक्षणिक पढ़ाई और बाहरी दुनिया के साथ सार्थक जुड़ाव छात्रों को ज्ञान, आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ भविष्य की ओर बढ़ने के लिए तैयार करे।



