
दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक लेवल पर पहुंचता दिख रहा है। बुधवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने इन हमलों को अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया है। ईरानी सशस्त्र बलों के अनुसार, अमेरिका ने इससे पहले ईरान के क़ेश्म द्वीप पर एक दूरसंचार केंद्र और एक तेल टैंकर को निशाना बनाया था। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया।हमले के बाद कुवैत के कई इलाकों में लोगों ने तेज धमाकों की आवाजें सुनीं। कुवैती सेना ने पुष्टि की कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रूप से मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश कर रही थी।सेना की जनरल स्टाफ शाखा ने बयान जारी कर कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही हैं। अधिकारियों ने साफ किया कि लोगों को सुनाई देने वाली धमाकों की आवाजें इंटरसेप्शन ऑपरेशन का हिस्सा थीं।कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों और प्रवासियों को चेतावनी दी कि वे किसी भी गिरे हुए मलबे, धातु के टुकड़ों या संदिग्ध वस्तुओं के पास न जाएं। सेना ने कहा कि ऐसे अवशेष खतरनाक हो सकते हैं।