
एनआईटी जालंधर में छह देशों के 50 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का स्वागत

डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए अब तक 50 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। ये विद्यार्थी बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार, अमेरिका और कनाडा से आए हैं। इन विद्यार्थियों के जुड़ने से संस्थान में अलग-अलग देशों के विद्यार्थियों के साथ पढ़ने और सीखने का अवसर और बढ़ा है। इन 50 विद्यार्थियों में 28 विद्यार्थी भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद योजना और 22 विद्यार्थी स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से एनआईटी जालंधर आए हैं।
नए विद्यार्थियों से मिलने और उनसे बातचीत करने के लिए संस्थान की ओर से एक संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने शुरुआती अनुभव साझा किए और अपनी उम्मीदों तथा किसी भी तरह की परेशानी के बारे में बात की। प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया, निदेशक, एनआईटी जालंधर, ने विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें वेलकम किट प्रदान की।
इस अवसर पर प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई और संस्थान में रहने के अनुभव के बारे में बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे किसी भी समस्या या परेशानी को लेकर खुलकर बात करें। उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से उन्हें हर जरूरी मदद दी जाएगी, ताकि वे यहां अच्छी तरह रहकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें।
प्रो. अनिश सचदेवा, कुलसचिव, एनआईटी जालंधर, ने भी विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान में उपलब्ध पढ़ाई और अन्य गतिविधियों से जुड़े अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
प्रो. अजय बंसल, डीन, इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल अफेयर्स ने विद्यार्थियों को अपने साथ पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों से बातचीत करने और शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की मदद या जानकारी की जरूरत होने पर विद्यार्थी इंटरनेशनल स्टूडेंट सेल से संपर्क कर सकते हैं।
डॉ. विनोद अशोकन, चेयरमैन, इंटरनेशनल स्टूडेंट सेल, ने विद्यार्थियों को 20 अगस्त 2026 को होने वाले ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्थान की पढ़ाई से जुड़ी प्रक्रिया, सुविधाओं और यहां रहने-पढ़ने से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एनआईटी जालंधर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रहा है और अगले शैक्षणिक वर्ष में करीब 100–150 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का स्वागत करने का लक्ष्य है।
विद्यार्थियों को अपने-अपने देशों में एनआईटी जालंधर में पढ़ाई के अपने अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। इससे उनके देश के अन्य विद्यार्थियों को भी संस्थान और यहां उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
इंटरनेशनल स्टूडेंट सेल ने प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया, निदेशक; प्रो. अनिश सचदेवा, कुलसचिव; प्रो. अजय बंसल, डीन, इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल अफेयर्स; प्रो. ममता खोसला, पूर्व डीन, इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल अफेयर्स; डॉ. सौरभ कानगो, एसोसिएट डीन; डॉ. प्रांग्या रंजन राउत, एसोसिएट डीन; डॉ. सी सी पातरा, नोडल (SII); डॉ. तरुण चौधरी, नोडल (ICCR) तथा इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले सभी संकाय सदस्यों और अधिकारियों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम के अंत में नए विद्यार्थियों का एनआईटी जालंधर परिवार में स्वागत किया गया। संस्थान ने विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई के दौरान हर संभव सहयोग देने और उन्हें एक अच्छा वातावरण देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सत्र का समापन विद्यार्थियों का एनआईटी जालंधर परिवार में स्वागत करते हुए हुआ। संस्थान ने विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई और संस्थान में रहने के दौरान हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।



