चंडीगढ़, 30 अप्रैल

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे अपने राजनीतिक गुरु अरविंद केजरीवाल की तरह ही न्यायपालिका का अनादर करने की राह पर चल पड़े हैं।

चुग ने कहा कि मान ने मानसा की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से बचने के लिए 1 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। यह कदम स्पष्ट रूप से न्यायिक प्रक्रिया से बचने और अदालत की गरिमा को कमजोर करने का प्रयास है।

चुग ने अदालत की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि भगवंत मान वर्ष 2022 से अब तक एक बार भी अदालत में पेश नहीं हुए हैं और बार-बार अस्पष्ट कारणों के आधार पर छूट मांगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने उनके इस रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए चेतावनी दी है कि अगली तारीख पर अनुपस्थित रहने पर जमानत रद्द की जा सकती है और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

चुग ने जोड़ा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की उनकी मांग भी अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है, इसके बावजूद वे लगातार बचने की कोशिश कर रहे हैं। यह उनके कानून के प्रति दृष्टिकोण को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पहली बार श्रमिक दिवस पर विधानसभा सत्र बुलाना कई सवाल खड़े करता है। “पंजाब के मजदूरों की समस्याओं को हल करने में विफल रहने के बाद अब भगवंत मान शासन को ढाल बनाकर अदालत से भाग रहे हैं,” चुग ने कहा।

चुग ने कहा कि आम आदमी पार्टी का इतिहास ही संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का रहा है। “दिल्ली से लेकर पंजाब तक, AAP नेतृत्व ने बार-बार अदालतों की अवहेलना कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को चोट पहुंचाने का काम किया है,” उन्होंने जोड़ा।