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*भाजपा दफ्तर पर हमले पर मुख्यमंत्री की टिप्पणियां शोभनीय नहीं : अश्वनी शर्मा*

चंडीगढ़, 2 अप्रैल 2026

पंजाब भाजपा दफ्तर पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा की गई मजाकिया टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी टिप्पणियां शोभा नहीं देतीं। यह कहना है पंजाब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का, जो आज चंडीगढ़ स्थित मुख्य कार्यालय में ब्लास्ट स्थल का दौरा करने के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने गंभीरता से कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों का अपमान, सिद्धू मूसेवाला, कबड्डी खिलाड़ियों, व्यापारियों, सरपंचों और पंचों की हत्याएं, दर्जनों थानों और पुलिस चौकियों पर ग्रेनेड हमले, इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमला, गैंगस्टरों द्वारा हत्याएं और बड़े स्तर पर हो रही फिरौती की घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पंजाब की जिम्मेदारी उठाने से पीछे हट चुके हैं और राज्य को लावारिस छोड़ दिया है।

श्री अश्वनी शर्मा ने बड़े सवाल खड़े करते हुए आप के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान से पूछा कि देश विरोधी और देश को तोड़ने वाले गुरपतवंत सिंह पन्नू, जिसने 2017 में आपकी मदद की और 2022 में भी पत्र लिखकर वोट डालने की अपील की, यहां तक कहा कि “यदि पंजाब में आप की सरकार बनती है तो हमारे लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद फिर से जागेगी”, और यह भी बताया कि इस मिशन के लिए उनकी संस्था द्वारा 16.70 मिलियन डॉलर (100 करोड़ से अधिक) की फंडिंग दी गई — क्या लगातार हो रही घटनाएं पन्नू के एजेंडे को आगे बढ़ाने का संकेत नहीं देतीं?

श्री शर्मा द्वारा आप सरकार बनने के बाद हुए बड़े हमलों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वर्ष 2022 में 10 मई को मोहाली स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर RPG हमला हुआ, 10 दिसंबर को सरहाली (तरनतारन) पुलिस स्टेशन पर RPG अटैक हुआ। वर्ष 2023 में 9 जनवरी को गुमटाला (अमृतसर) पुलिस पोस्ट के बाहर धमाका हुआ, 15 जनवरी को जैतीपुर (अमृतसर) में हैंड ग्रेनेड हमला हुआ, और नवंबर के अंत में अमृतसर/गुरदासपुर की कई पुलिस पोस्टों पर ग्रेनेड हमले हुए। वर्ष 2024 में 23 नवंबर को अजनाला (अमृतसर) पुलिस स्टेशन के बाहर IED लगाया गया, 29 नवंबर को गुरबख्श नगर (अमृतसर) में बंद पुलिस पोस्ट के पास धमाका हुआ, 2 दिसंबर को काठगढ़ (नवांशहर) में नाकाम ग्रेनेड हमला हुआ, 4 दिसंबर को मजीठा (अमृतसर) पुलिस स्टेशन के बरामदे में धमाका हुआ, 13 दिसंबर को घनिए के बंगा (बटाला) में ग्रेनेड फेंका गया जो फटा नहीं, 17 दिसंबर को इस्लामाबाद (अमृतसर) पुलिस स्टेशन के पास धमाका हुआ, तथा 18–20 दिसंबर के बीच कलानौर (गुरदासपुर) में लगातार कई ग्रेनेड हमले हुए। वर्ष 2025 में 9 जनवरी को गुमटाला (अमृतसर) पुलिस चौकी के बाहर धमाका हुआ, जनवरी से मार्च 2025 के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार ग्रेनेड/IED हमलों की कोशिशें हुईं, 6–7 अप्रैल को किला लाल सिंह (बटाला) पुलिस स्टेशन पर RPG/ग्रेनेड हमला हुआ, 7 अप्रैल को जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ, 16–17 जून को गुरदासपुर/अमृतसर/मजीठा की कई पुलिस पोस्टों पर ग्रेनेड हमले हुए, 25 नवंबर को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन पर हैंड ग्रेनेड हमला हुआ, तथा 1–4 दिसंबर के बीच गुरदासपुर में P-86 ग्रेनेड बरामद किए गए। वर्ष 2026 में मार्च 2026 में अमृतसर के भिंडी सैदां पुलिस स्टेशन के बाहर देर रात लगभग 1:30 बजे धमाका हुआ (ग्रेनेड/IED होने का संदेह)।
इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है, जिसका असर अब राज्य की राजधानी चंडीगढ़ तक पहुंचने लगा है। दुख की बात यह है कि मुख्यमंत्री इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं और उनकी गैर-गंभीर टिप्पणियां और भी पीड़ा पहुंचाती हैं।

भाजपा दफ्तर पर हमला पंजाब में भाजपा के बढ़ते जनाधार से घबराई देश विरोधी ताकतों की साजिश का परिणाम है। लेकिन भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता या नेता ऐसे हालात से डरने वाला नहीं है। पंजाब में भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए भाजपा का हर कार्यकर्ता और नेता हर बलिदान देने को तैयार है। देश को तोड़ने वालों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।

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