जिला बार एसोसिएशन, जालंधर द्वारा एल.ए.डी.सी. (Legal Aid Defence Counsel) नीति के विरोध में चलाया जा रहा आंदोलन आज नौवें दिन भी भूख हड़ताल तथा चौबीसवें दिन भी “नो वर्क डे” के रूप में जारी रहा। समस्त अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर धरना स्थल पर डटे रहे।

आज जिला बार एसोसिएशन, जालंधर के अध्यक्ष श्री आदित्य जैन, एडवोकेट एवं सचिव श्री रोहित गंभीर, एडवोकेट ने बताया कि गत सायं पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ की जॉइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निवास स्थान पर आयोजित हुई। बैठक के दौरान माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश द्वारा एल.ए.डी.सी. नीति में संशोधन (Amendments) एवं कुछ प्रतिबंध (Restrictions) लगाने का प्रस्ताव रखा गया।

जॉइंट एक्शन कमेटी ने उक्त प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हुए कहा कि अधिवक्ता समुदाय की मांग केवल एल.ए.डी.सी. नीति को पूर्णतः वापस लेने की है तथा मात्र संशोधन स्वीकार्य नहीं हैं। इस पर माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने अवगत कराया कि उक्त नीति को वापस लेने का अधिकार उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं है तथा इस संबंध में निर्णय केवल नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) एवं माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा ही लिया जा सकता है।

इसके उपरांत जॉइंट एक्शन कमेटी द्वारा माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक करवाने का अनुरोध किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए दिनांक 03 अगस्त 2026 (सोमवार) को सर्वोच्च न्यायालय में माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ की जॉइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों के मध्य बैठक निर्धारित की गई है।

अध्यक्ष एवं सचिव ने आगे बताया कि जॉइंट एक्शन कमेटी के निर्णयानुसार जिला बार एसोसिएशन, जालंधर के उन सदस्यों, जिन्हें लीगल एड डिफेंस काउंसल (LADC) के रूप में नियुक्त किया गया है, को दिनांक 29.07.2026 को नोटिस जारी कर 30.07.2026 को दोपहर 12:00 बजे तक अपना स्पष्ट पक्ष प्रस्तुत करने हेतु कहा गया था कि वे एल.ए.डी.सी. नीति के समर्थन में हैं अथवा अधिवक्ता समुदाय के साथ खड़े हैं, जिसके वे सदस्य हैं।

उक्त सदस्यों द्वारा निर्धारित समय में अपना स्पष्ट पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया तथा केवल समय बढ़ाने हेतु आवेदन दिया गया। इस पर आज जिला बार एसोसिएशन, जालंधर की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला बार एसोसिएशन, जालंधर के सभी एल.ए.डी.सी. नियुक्त सदस्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाता है।

कार्यकारिणी समिति ने यह भी निर्णय लिया कि यदि निलंबन अवधि के दौरान कोई भी निलंबित सदस्य न्यायालय परिसर में प्रवेश कर न्यायिक कार्य करता हुआ पाया जाता है अथवा “नो वर्क डे” का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध बार एसोसिएशन के नियमों के अनुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में उसे आवंटित चैंबर का आवंटन निरस्त कर बार एसोसिएशन द्वारा पुनः अपने कब्जे में लिया जाएगा तथा उसकी सदस्यता समाप्त करने सहित उसे बार एसोसिएशन द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन, जालंधर के अध्यक्ष श्री आदित्य जैन, एडवोकेट एवं सचिव श्री रोहित गंभीर, एडवोकेट के अतिरिक्त वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री राम छाबड़ा, संयुक्त सचिव श्री साहिल मल्होत्रा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सूरज प्रताप, सहायक सचिव सुश्री सोनालिका तथा कार्यकारिणी सदस्य श्री अमानत, सुश्री नेहा, सुश्री पायल, श्री पारस चौधरी, श्री विजय मिश्रा, श्री प्रभु धीर एवं श्री संदीप कुमार उपस्थित रहे।

इनके अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं बार सदस्यों में श्री राज कुमार भल्ला, श्री ओम प्रकाश शर्मा, श्री बलविंदरजीत सिंह ‘लक्की’, श्री गुरमेल सिंह लिधर, श्री रतन दुआ, श्री दर्शन सिंह दयाल, श्री एस.सी. नंदा, श्री वी.के. सरीन, श्री दलबीर सिंह महल, श्री आर.के. मेहमी, श्री करमपाल सिंह गिल, श्री बलराज ठाकुर, श्री अमरिंदर सिंह थिंद, श्री राकेश धीर, श्री सन्नी कुमार, श्री प्रीतपाल सिंह, श्री निखिल शर्मा, श्री जगत पाल मैनी, श्री मनशेर ढिल्लों, सुश्री मधु रचना, श्री सुदेश कुमार, सुश्री छाया खुल्लर सहित भूख हड़ताल पर बैठे सदस्य उपस्थित रहे।

भूख हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं में श्री राम छाबड़ा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), श्री अमरिंदर सिंह थिंद, श्री परशोत्तम सिंह कपूर, श्री जतिंदर शर्मा, श्री बलविंदर पाल इंदर, श्री हरप्रीत सिंह, श्री राहुल रामपाल शर्मा, श्री कुनाल गोयल, श्री परवीन नय्यर, श्री गौरव आनंद, श्री रूबल, श्री दिवांशु चावला, श्री तजिंदर बधन, श्री संघर्ष भगत, सुश्री हरजीत कौर, श्री रजत चोपड़ा, श्री जतिंदर कांडा, श्री आरिक कुमार, श्री रवि कुमार, श्री रॉबिन सेठी, श्री कमल प्रीत सिंह, सुश्री महिका, श्री राजिंदर कुमार आज़ाद, श्री हरभजनदास सांपला, श्री दीपक सूद, श्री राज कुमार बैंस, सुश्री शीनम तथा श्री राजू अंबेडकर शामिल रहे।