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टेक्निकल यूनिवर्सिटी के स्टाफ ने लगाया उत्पीड़न का आरोप प्रो-वीसी ने आरोपों को खारिज किया

रोपड़, 14 सितंबर: विशेष डीजीपी (कम्युनिटी अफेयर्स एवं महिला मामले) गुरप्रीत देव ने लामरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी के एक पूर्व और एक मौजूदा फैकल्टी सदस्य की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं। एआईजी वात्सला गुप्ता कार्यस्थल पर उत्पीड़न, लैंगिक भेदभाव, प्रताड़ना तथा रोजगार से जुड़े अधिकारों से वंचित किए जाने के आरोपों की जांच करेंगी।
शिकायतकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के पीएचडी कार्यक्रम के संचालन में बाहरी व्यक्तियों की कथित संलिप्तता पर आपत्ति जताने के बाद उनके खिलाफ की गई कथित प्रतिकूल कार्रवाइयों की श्रृंखला की जांच की मांग की थी।
शिकायतकर्ताओं में से एक ने आरोप लगाया कि पीएचडी कार्यक्रम में नियामकीय अनुपालन को लेकर चिंताएं उठाने के बाद दिसंबर 2025 में उन्हें एक महत्वपूर्ण पद से हटा दिया गया और कम जिम्मेदारियों के साथ स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स, साइंसेज एंड एजुकेशन में स्थानांतरित कर दिया गया।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 15 जुलाई, 2026 को उन्हें उनके पद से निलंबित कर दिया गया, उनका वेतन घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया और उन्हें निम्न पद की पेशकश की गई। उन्होंने प्रो-वाइस चांसलर बी.एस. सतयाल पर डराने-धमकाने और अपमानजनक व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
हालांकि, प्रो-वाइस चांसलर बी.एस. सतयाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों में कुछ अधिकारियों को पद से हटाया था। उन्होंने कहा, “एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। जिन लोगों को हटाया गया है, उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ साजिश रची है।”

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