

जालंधर के सत्यनारायण मंदिर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा मैं जाकर महाराज जी के मुखारबिंद से बह रही भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य हर धर्म प्रेमी को मिल रहा हैं पूज्यपाद महाराज जी ने हरि कथा में बताया कि भक्तों की कथा श्रवण करने से हृदय में हरि भक्ति का अंकुर पैदा होता हैं और मन भक्ति में लगता हैं महाराज जी ने अपने शुभ प्रवचनों में गुरु ओर शिष्य का महातम बताया और कहा कि हर जीव में अपने गुरुदेव के प्रति अटूट निष्ठा होनी चाहिए शिष्य को हर समय गुरुदेव भगवान् का स्मरण करते रहना चाहिए और गुरुदेव जी द्वारा दी गई हरिनाम माला को निरंतर जपना चाहिए कथा में सभी भक्त भाव विभोर हो कर प्रभु नाम का स्मरण कर रहे थे शाम सुंदर प्रभु जी ने राधे राधे गोबिंद, गोबिंद राधे, का आनंद भरा संकीर्तन करते हुए सभा में शामिल सभी भक्तों को खूब नृत्य करवाया इस सभा में श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के भक्तों ने महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें पुष्पमाला दे कर सम्मानित भी किया इस मंगलमय सुअवसर पर राजन शर्मा, डी स पी करतार सिंह, हर्ष शर्मा, अश्विनी अग्रवाल, गुरप्रीत गोपी, विजय वरमानी, गौरक्ष दुआ, विपुल सिसोदिया, भंडारी जी, भी इस धर्म सभा में हरिकथा का आनंद ले रहे थे



