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जब मन शांत होता है, तब जीवन स्वयं मंदिर बन जाता है-नवजीत भारद्वाज*

जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनि देव महाराज जी के निमित्त सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को प्रवचनों का रसपान करवाते हुए महान संत रविदास महाराज (रैदास जी) की अमर पंक्ति का अनुसरण करते हुए कहते है कि *‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’’* केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की गहन आध्यात्मिक दृष्टि है। इसका सीधा अर्थ है कि यदि मन निर्मल है, विचार शुद्ध हैं और कर्म सच्चे हैं, तो ईश्वर की अनुभूति के लिए किसी दूर तीर्थ की यात्रा आवश्यक नहीं रह जाती। संत रविदास महाराज जी ने अपने जीवन और वाणी से यह संदेश दिया कि भक्ति का संबंध बाहरी आडंबरों से नहीं, बल्कि अंतरात्मा की शुद्धता से है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि इस पंक्ति का सरल भावार्थ यह है कि यदि व्यक्ति का हृदय पवित्र है, तो उसके घर की छोटी-सी कठौती (लकड़ी का पात्र) में भरा साधारण जल भी गंगा जल के समान पावन हो जाता है। इसके विपरीत, यदि मन में छल, कपट, अहंकार और द्वेष भरा हो, तो गंगा स्नान भी आत्मा को शुद्ध नहीं कर सकता।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि आज के समय में यह पंक्ति और भी प्रासंगिक हो गई है। हम अक्सर धर्म को दिखावे, प्रदर्शन और भीड़ से जोड़ लेते हैं—बड़े-बड़े आयोजन, महंगे अनुष्ठान और सोशल मीडिया पर धर्म का प्रचार। लेकिन सच्चा धर्म तो मनुष्य के भीतर जन्म लेता है।
जब मन शांत होता है, विचार सकारात्मक होते हैं और कर्म परोपकार से जुड़े होते हैं, तब जीवन स्वयं एक मंदिर बन जाता है। अंतत:, *‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’’* हमें यह बोध कराती है कि ईश्वर बाहर नहीं—हमारे भीतर है। आवश्यकता केवल मन को चंगा करने की है क्योंकि मन बदले बिना जीवन नहीं बदलता।

*नवजीत भारद्वाज ने सभी मां भक्तों से मां बगलामुखी धाम में आयोजित होने वाले जी संपूर्ण फलदाई अलौकिक मासिक हवन यज्ञ जो कि 25 जनवरी 2026 रविवार को मंदिर परिसर में होगा में सम्मिलित होने का सादर सपरिवार निमंत्रण दिया।*

इस अवसर पर सरोज बाला, अमरेंद्र कुमार शर्मा,सौरभ भाटिया,नरेश,कोमल,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा,नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत ,मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश,वरुण, नितिश,जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।

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