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भारतीय वह नहीं जो भारत में रहता है भारतीय वह है जिसके दिल में भारत रहता है तिरंगा यात्रा में बोले- स्वामी सज्जनानंद

राष्ट्रीय सुरक्षा नागरिक मंच जालंधर द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के संदर्भ में एक विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा जालंधर के कॉरपोरेशन चौक से शुरू होकर ज्योति चौक, अटारी बाजार से मिलाप चौक से होते हुए वापिस कॉरपोरेशन चौक संपन्न हुई। भारी फूलों की वर्षा के साथ यात्रा का स्वागत हुआ। इस तिरंगा यात्रा को संबोधन करने एवं झंडी देकर रवाना करने के लिए दिव्या ज्योति जागृती संस्थान के संस्थापक एवं संचालक गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी सज्जनानंद की विशेष रूप से पहुंचे वहां उपस्थित हजारों देश प्रेमियों व शहर वासियों को संबोधित करते हुए स्वामी जी ने कहा यह तिरंगा यात्रा समर्पित है सुना के शौर्य बलिदान हिम्मत साहस देश के प्रति उनके समर्पण त्याग वह अन्य प्रेम को। यह तिरंगा यात्रा समर्पित है हर उसे नागरिक को जो अपने देश से प्रेम करता है जो अपने राष्ट्र से प्रेम करता है स्वामी जी ने कहा भारतीय वह नहीं जो भारत में रहता है भारतीय वह है जिसके दिल में भारत रहता है।
भारत की सेना, शौर्य और बलिदान की अद्वितीय गाथा है। यह उन वीरों की अटूट निष्ठा और अदम्य साहस का प्रतीक है, जो हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए हर पल तत्पर रहते हैं। बर्फीली चोटियों से लेकर रेगिस्तान की तपती रेत तक, हमारे सैनिक हर मौसम और हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
उनकी वीरता केवल युद्ध के मैदान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शांति के समय में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक आपदाओं और संकट की घड़ी में, वे हमेशा पहले पहुँचने वाले होते हैं, पीड़ितों को सहायता और सुरक्षा प्रदान करते हैं। उनका निस्वार्थ सेवाभाव और मानवीय करुणा उन्हें सिर्फ सैनिक ही नहीं, बल्कि हर भारतीय का गौरव बनाती है।
सेना के जवान अपने परिवारों से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का पालन करते हैं। उनकी यह त्याग भावना अतुलनीय है। वे हमारी नींद चैन के लिए, अपनी रातों की नींद और दिन का सुकून त्याग देते हैं। उनका अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हम, भारत के नागरिक, अपनी सेना के हर जवान को सलाम करते हैं। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा हमारी राष्ट्रीय पहचान का अभिन्न अंग है। जय हिन्द! भारतीय सेना अमर रहे!

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