जालंधर, 7 अगस्त। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर एसडीपी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल एवं जीजीडीएसडी मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं कौशल-आधारित गतिविधियों का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध स्वदेशी परंपराओं, हथकरघा एवं हस्तशिल्प से जोड़ना तथा उनमें रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल को विकसित करना था।

इस अवसर पर वरिष्ठ विद्यार्थियों ने पारंपरिक कढ़ाई, हथकरघा/खादी तथा क्रोशिया कार्य जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक विकसित करने, स्क्रीन टाइम कम करने तथा अपने व्यावहारिक कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया गया।

वहीं, किंडरगार्टन कक्षाओं के नन्हे विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी बाटिक ब्लॉक प्रिंटिंग गतिविधि में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बच्चों ने हाथों से कार्य करते हुए रचनात्मकता के साथ-साथ नई तकनीकों को सीखने का आनंद लिया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं स्टाफ के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वदेशी परंपराओं और भारतीय हस्तकला के प्रति सम्मान एवं रुचि पैदा करना था। साथ ही, बच्चों को नई रुचियां एवं कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जो भविष्य में उनके लिए शौक के साथ-साथ किसी संभावित व्यवसाय या पेशे का आधार भी बन सकते हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भारतीय विरासत एवं हस्तशिल्प को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी मजबूत करती हैं।

अपनी विरासत का उत्सव, रचनात्मकता को प्रोत्साहन और भविष्य के लिए कौशल निर्माण—इसी संदेश के साथ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया गया।