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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचा , जाने वजह

दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर पोत पर हुए हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार हमलों में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, रडार, संचार केंद्र, वायु रक्षा प्रणाली और रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौकाओं समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की हमले की क्षमता को कमजोर करना और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को सुरक्षित रखना है।अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान की दिशा में मिसाइलें दागीं। जॉर्डन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। बहरीन और कुवैत में भी मिसाइल चेतावनी सायरन बजाए गए, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और ईरान का उस पर नियंत्रण नहीं है। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि होर्मुज उसके नियंत्रण में है और विदेशी सैन्य हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। ईरान ने यह भी दोहराया कि जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया है, जबकि अमेरिका ने कहा कि समुद्री मार्ग अभी भी खुला है।

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