
हिंदी दिवस पर भाषा और संस्कृति का भव्य उत्सव

संस्कृति के० एम० वी० स्कूल, जालंधर के प्रांगण में हिंदी दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में हिंदी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के प्रति प्रेम, सम्मान और गौरव की भावना को सशक्त करने हेतु सप्ताह भर विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में भारत की संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। हिंदी दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा की समृद्ध विरासत तथा भारतीय संस्कृति में इसके महत्वपूर्ण स्थान से परिचित करवाया गया।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, ज्ञान एवं अभिव्यक्ति-कौशल का प्रदर्शन किया। कक्षा एक से तीन कविता वाचन, कक्षा चार में मात्रा कोलाज, कक्षा 5 एवं 6 में नारा लेखन, कक्षा 7 एवं 8 में पोस्टर निर्माण, कक्षा नौवीं पोस्टर मेकिंग तथा कक्षा दसवीं में कार्ड निर्माण जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों के माध्यम से हिंदी के प्रति अपने प्रेम और सृजनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्या श्रीमती रचना मोंगा जी ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि, “हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति है।” उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सम्मान विकसित करने तथा इसके समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप से निरंतर जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम होने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।
हिंदी दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों में अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति आत्मीयता एवं गौरव की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा। यह उत्सव सभी को हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार की सांझा जिम्मेदारी का संदेश देता है, ताकि हिंदी आने वाली पीढ़ियों के बीच भी प्रेम और सम्मान के साथ निरंतर समृद्ध होती रहे।



