जालंधर: हर साल हज़ारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए अपना घर छोड़ते हैं, ऐसे में छात्रों और उनके माता-पिता दोनों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है। एजुकेशनल कैंपस में अनधिकृत प्रवेश, रैगिंग, नशीले पदार्थों के सेवन और सुरक्षा में सेंध जैसी बढ़ती घटनाओं के कारण यूनिवर्सिटी के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वे केवल पारंपरिक सुरक्षा उपायों पर निर्भर रहने के बजाय, ऐसे एडवांस्ड और टेक्नोलॉजी-आधारित सिस्टम अपनाएं जो सीखने के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करें।

इन बदलती चुनौतियों का सामना करते हुए, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने भारत के सबसे व्यापक कैंपस सुरक्षा इकोसिस्टम में से एक बनाया है। यहाँ टेक्नोलॉजी, प्रशिक्षित कर्मचारी और सख्त संस्थागत नीतियां मिलकर 35,000 से अधिक छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करती हैं। यूनिवर्सिटी ने 360-डिग्री सुरक्षा ढांचा लागू किया है, जिसमें 7,200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 200 से अधिक प्रोफेशनल रूप से प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मचारी, एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम और समर्पित सुरक्षा कंट्रोल रूम शामिल हैं जो चौबीसों घंटे कैंपस की निगरानी करते हैं। एआई-सक्षम फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी के ज़रिए कैंपस में प्रवेश को और सुरक्षित बनाया गया है, जिससे केवल रजिस्टर्ड और अधिकृत लोगों को ही परिसर में आने की अनुमति मिलती है; साथ ही टर्नस्टाइल गेट और बूम बैरियर हर गतिविधि पर नज़र रखते हैं।

यूनिवर्सिटी उत्पीड़न के मामलों में ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ (सख्त कार्रवाई) की नीति अपनाता है और यूजीसी के एंटी-रैगिंग नियमों को सख्ती से लागू करता है। एंटी-रैगिंग कमेटियां और स्क्वाड, जागरूकता कार्यक्रम, ओरिएंटेशन सेशन, शिकायत निवारण तंत्र और लगातार निगरानी यह सुनिश्चित करते हैं कि हर छात्र सम्मानजनक और उत्पीड़न-मुक्त माहौल में कैंपस जीवन की शुरुआत कर सके। किसी भी उल्लंघन पर तुरंत अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाती है।

शारीरिक सुरक्षा के अलावा छात्रों की भलाई को बढ़ावा देने के लिए, कैंपस में ड्रग-फ्री, अल्कोहल-फ्री और स्मोक-फ्री माहौल बनाए रखा जाता है। नशीले पदार्थों या प्रतिबंधित चीज़ों के प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा टीमें 24×7 ड्यूटी पर रहती हैं, जबकि नियमित निगरानी और सख्त नियमों के पालन से स्वस्थ और अनुशासित कैंपस संस्कृति बनाए रखने में मदद मिलती है।

आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी को और मज़बूत करते हुए, यूनिवर्सिटी अपना पूरी तरह से काम करने वाला फायर स्टेशन चलाता है, जो फायर ट्रक, प्रशिक्षित फायरफाइटर्स और आधुनिक अग्निशमन बुनियादी ढांचे से लैस है। A++ रेटिंग वाले हाई-टेक सुरक्षा गैजेट्स, प्रोफेशनल रूप से ट्रेंड पूर्व-सैनिकों, गर्ल्स हॉस्टल के लिए समर्पित महिला सुरक्षा कर्मियों और कैंपस में लगातार गश्त के साथ, संस्थान ने सुरक्षा की कई परतें बनाई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।

इस इकोसिस्टम को एलपीयू का ‘एडू- रेव्लयूशन’ और बेहतर बनाता है, जो पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ एंटरप्रेन्योरशिप, टेक्नोलॉजी और अनुभव-आधारित सीखने (एक्सपीरिएंशियल लर्निंग) को भी जोड़ता है। इसका “अरन यूअर फीस बैक” मॉडल छात्रों को पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, स्टार्टअप्स और एंटरप्रेन्योरशिप से कमाई करने में मदद करता है, जिससे हायर एजुकेशन का नतीजा बेहतर होता है और यह आर्थिक रूप से फायदेमंद भी बनता है। एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को मजबूत पॉलिसी और प्रोफेशनल सिक्योरिटी मैनेजमेंट के साथ जोड़कर, एलपीयू ऐसा माहौल बना रहा है जहाँ छात्र पूरे भरोसे और मन की शांति के साथ सीखने, इनोवेशन और पर्सनल ग्रोथ पर ध्यान दे सकें।