
डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर तथा स्टूडेंट्स यूथ फ्रंट, पंजाब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता कॉलेज के वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुँवर राजीव ने की। कार्यक्रम में संत कबीरदास टाइगर्स फोर्स, पंजाब के प्रधान अरुण संदल मुख्य अतिथि तथा अजय यादव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के प्राचार्य एवं राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अनूप कुमार द्वारा प्रेषित संदेश में कहा गया कि संत कबीरदास अपने जीवनकाल से लेकर आज तक समाज के लिए समान रूप से प्रासंगिक हैं। उन्होंने मानव-मूल्यों पर आधारित ऐसी अमूल्य विरासत प्रदान की है, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। संत कबीरदास ने मानव-जीवन के निर्माण में गुरु के महत्त्व को सर्वोपरि माना है। उनके अनुसार सच्चा गुरु अथवा आदर्श शिक्षक ही मनुष्य को जीवन की उचित दिशा प्रदान करता है। गुरु अपने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डी.ए.वी. आंदोलन वर्ष 1886 से ही समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान एवं सामाजिक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्यरत है। डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक के 108 वर्षों के गौरवपूर्ण इतिहास में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर मानव-कल्याण की सुदृढ़ आधारशिला रखी है। महाविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों को विभिन्न समाजोपयोगी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया है। इस दृष्टि से डी.ए.वी. कॉलेज एक अग्रणी शिक्षण संस्थान है तथा उसके विद्यार्थी समाज के प्रेरक प्रतिनिधि हैं।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुँवर राजीव ने कहा कि विद्यार्थियों को महान समाज-सुधारकों के जीवन से प्रेरणा ग्रहण कर अपने वर्तमान के प्रति सजग रहना चाहिए। अतीत की स्मृतियों और भविष्य की चिंताओं में उलझने के स्थान पर वर्तमान को सार्थक बनाने पर ध्यान देना आवश्यक है। यदि विद्यार्थी परिश्रम, अनुशासन और सदाचार के माध्यम से अपने वर्तमान को सुदृढ़ बनाते हैं, तो उनका भविष्य स्वतः उज्ज्वल होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से महाविद्यालय में उपस्थित होकर शिक्षा का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि अरुण संदल ने कहा कि संत कबीरदास एक महान क्रांतिकारी समाज-सुधारक एवं पथ-प्रदर्शक थे। वर्तमान समय में उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता अजय यादव ने अपने विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को संत कबीरदास के जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता तथा मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया। संगोष्ठी को अधिवक्ता मधु रचना तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता राजीव ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर की उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, कुलसचिव प्रो. अशोक कपूर, जनसंपर्क अधिष्ठाता प्रो. पंकज गुप्ता, प्रो. सौरभ राज, प्रो. मंजीत सिंह, स्टूडेंट्स यूथ फ्रंट के अध्यक्ष रोहित पलवान, महाविद्यालय के विद्यार्थी तथा अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।