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सीटी ग्रुप के छात्रों ने बनाया स्मार्ट गार्बेज कलेक्टर रोबोट

जालंधर: सीटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, मकसूदां, जालंधर के छात्रों ने फैकल्टी मेंटर्स श्री कंवर सिंह और सुश्री प्रेरणा के मार्गदर्शन में स्मार्ट गार्बेज कलेक्टर रोबोट विकसित कर तकनीक के माध्यम से कचरा प्रबंधन को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और प्रभावी बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की है।

रोबोटिक्स, एम्बेडेड सिस्टम, सेंसर और वायरलेस तकनीक के संयोजन से तैयार यह प्रोटोटाइप कचरा एकत्र करने की प्रक्रिया को स्वचालित करता है। इसका उद्देश्य दोहराव वाले और अस्वच्छ कार्यों में मानव हस्तक्षेप को कम करना है। रोबोट का मुख्य नियंत्रण ESP32 डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से किया जाता है, जो इसकी गति, सेंसर, वायरलेस कमांड और कचरा संग्रहण प्रणाली को नियंत्रित करता है।

इसी तकनीकी संरचना को प्रभावी बनाने के लिए रोबोट में DC मोटर्स, L298N मोटर ड्राइवर, HC-SR04 अल्ट्रासोनिक सेंसर और IR सेंसर लगाए गए हैं। इनकी सहायता से रोबोट विभिन्न दिशाओं में चलने, रास्ते में आने वाली बाधाओं का पता लगाने तथा कचरे को एकत्र कर अपने स्टोरेज कम्पार्टमेंट में रखने में सक्षम है। नियंत्रित इनडोर वातावरण में किए गए परीक्षण के दौरान रोबोट ने सफलतापूर्वक मूवमेंट, ऑब्स्टेकल डिटेक्शन, वायरलेस कंट्रोल, कचरा संग्रहण और बैटरी परफॉर्मेंस का प्रदर्शन किया।

इस उपलब्धि पर कैंपस डायरेक्टर डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा, “यह प्रोजेक्ट हमारे छात्रों और फैकल्टी की मेहनत, रचनात्मक सोच और तकनीकी कौशल को दर्शाता है। ऐसे प्रोजेक्ट्स छात्रों को रोबोटिक्स, सेंसर और एम्बेडेड सिस्टम का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं तथा अनुभवात्मक शिक्षा और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करते हैं।”

भविष्य में इस रोबोट को कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, कार्यालयों, कॉरिडोर और अन्य संस्थागत क्षेत्रों में उपयोग के लिए और विकसित किया जा सकता है। इसके आगामी संस्करणों में IoT आधारित मॉनिटरिंग, स्मार्टफोन कंट्रोल, ऑटोनॉमस नेविगेशन, कैमरा आधारित गाइडेंस, सोलर-असिस्टेड चार्जिंग और एआई आधारित कचरा वर्गीकरण जैसी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यह प्रणाली और अधिक स्मार्ट एवं स्वायत्त बन सके।

यह प्रोजेक्ट सीटी ग्रुप के नवाचार, स्थिरता, अनुभवात्मक शिक्षा और तकनीक आधारित समाधान के प्रति निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। छात्रों और फैकल्टी मेंटर्स ने इस प्रोजेक्ट को एक विचार से व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए कैंपस डायरेक्टर डॉ. अनुराग शर्मा के निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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