
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन से पहले एलपीयू के ‘गियर अप सीज़न 5’ में 6,000 से ज़्यादा इनोवेटर्स और 900 से ज़्यादा टीमों ने रिकॉर्ड संख्या में हिस्सा लिया

जालंधर; भारत के प्रमुख स्टूडेंट इनोवेशन चैलेंज, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 ने देश भर के हज़ारों युवा इनोवेटर्स को असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक मंच पर इकट्ठा किया। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में, नेशनल हैकाथॉन का सफ़र ‘गियर अप सीज़न 5’ के साथ शुरू हुआ, जो एसआईएच 2026 के लिए यूनिवर्सिटी का इंटरनल गेटवे है। इसमें एलपीयू के 6,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने 900 से ज़्यादा टीमें बनाईं और हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर डोमेन में 200 से ज़्यादा प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर काम किया। 36 घंटे तक चले इस हैकाथॉन ने ‘गियर अप’ के सबसे बड़े एडिशन के तौर पर एलपीयू कैंपस में एक बड़े पैमाने पर इंटरनल इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया, जिसके ज़रिए स्टूडेंट टीमों ने एसआईएच सिलेक्शन प्रोसेस से पहले अपने समाधान विकसित और बेहतर किए।
इस साल, 18 थीम के तहत 226 प्रॉब्लम स्टेटमेंट स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन चैलेंज का आधार बने, जिससे भाग लेने वाली टीमों को काम करने के लिए असल दुनिया से जुड़े कई क्षेत्र मिले। इन प्रॉब्लम स्टेटमेंट में 172 सॉफ्टवेयर और 54 हार्डवेयर चुनौतियां शामिल थीं। इनमें स्मार्ट ऑटोमेशन, डिजास्टर मैनेजमेंट, ब्लॉकचेन और साइबर सिक्योरिटी, मेड-टेक, बायो-टेक और हेल्थ-टेक, स्मार्ट एजुकेशन, एग्रीकल्चर और रूरल डेवलपमेंट, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और ड्रोन, ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल और सस्टेनेबल एनर्जी, क्लीन और ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट व्हीकल्स, हेरिटेज और कल्चर, ट्रैवल और टूरिज्म, और अन्य उभरते क्षेत्र शामिल थे।
एलपीयू की प्रो-चांसलर डॉ. कर्नल रश्मि मित्तल और आर एम एक्स ग्रुप के चीफ बिजनेस ऑफिसर ग्लोबल, श्री सुधांशु कर्नाटक ने इस पहल का उद्घाटन किया। डॉ. रश्मि मित्तल ने कहा, “एलपीयू का मानना है कि युवा विद्यार्थी तब बेहतर ढंग से विकसित होते हैं जब उन्हें आम सोच से हटकर अपने विचारों को असलियत में बदलने की आज़ादी मिलती है। हम ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं जहाँ जिज्ञासा, रचनात्मकता और प्रयोग करने का साहस छात्रों के अनुभव का अहम हिस्सा बन जाए।”
‘गियर अप सीज़न 5’ ने एलपीयू के बढ़ते इनोवेशन रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ी है। यह छात्रों को क्लासरूम से बाहर चीज़ें बनाने, उन्हें टेस्ट करने और मुकाबला करने के मौके देने पर लगातार ध्यान देने का नतीजा है। यह यूनिवर्सिटी के ‘एडू-रेवोल्यूशन’ का मुख्य हिस्सा है, जो छात्रों के अनुभव में प्रैक्टिकल अनुभव और एप्लीकेशन को सबसे अहम मानता है। नेशनल हैकाथॉन और टेक्नोलॉजी चुनौतियों से लेकर रिसर्च, स्टार्टअप और छात्रों के प्रोजेक्ट्स तक, एलपीयू ऐसे प्लेटफॉर्म्स का विस्तार कर रहा है जहाँ विचारों को असल समस्याओं के आधार पर परखा जा सके और उन्हें आगे बढ़ाया जा सके। एलपीयू के पिछले एसआईएच प्रदर्शन में भी ‘टीम स्टेलर सिक्स’ और ‘टीम साई-डिवाइन’ क्रमशः सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कैटेगरी में विजेता बनकर उभरी थीं।
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