
एच.एम.वी. में सेहतमंद भविष्य के लिए आयुर्वेद की भूमिका विषय पर पीपीटी प्रतियोगिता का आयोजन

हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर में प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला के कुशल दिशा-निर्देशन एवं एन.एस.एस. इंचार्ज सुश्री हरमनु पॉल की अगुवाई में छात्राओं में आयुर्वेद के बारे में जागरूकता पैदा करने और एक हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के लिए सेहतमंद भविष्य के लिए आयुर्वेद की भूमिका थीम पर एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने आयुर्वेद की पुरानी ज्ञान परंपरा, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, बैलेंस्ड लाइफस्टाइल, नेचुरल इलाज के तरीकों और आज की दुनिया में इसकी अहमियत पर अपने विचार पेश किए। क्रिएटिव और जानकारी देने वाले पीपीटी प्रेजेंटेशन से प्रतिभागियों ने अच्छी हेल्थ बनाए रखने के लिए पौष्टिक डाइट, योग, डेली रूटीन, नेचुरल लाइफस्टाइल और प्रिवेंटिव उपायों के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला ने इस पहल की तारीफ़ की और कहा कि युवाओं में हेल्थ के बारे में जागरूकता फैलाना आज के समय की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद लोगों को नेचर के साथ तालमेल बनाए रखने और एक बैलेंस्ड और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए बढ़ावा देता है। इसके अलावा ऐसी गतिविधियां न सिफ़र् छात्राओं का ज्ञान बढ़ाती हैं, बल्कि उनकी प्रेजेंटेशन स्किल्स और क्रिएटिविटी भी बढ़ती है। नवजोत कौर बीए सैम 1 ने पहली पोजीशन हासिल की। नूरजोत बीएससी सैम 3 और जाह्नवी एम.ए. पॉलिटिकल साइंस सेमेस्टर 1 ने संयुक्त रूप से दूसरी पोजीशन हासिल की, जबकि नताशा बी.वॉक मेंटल हेल्थ सेमेस्टर 5 ने तीसरी पोजीशन हासिल की। लक्ष्मी बी.काम सैम 1 को सांत्वना पुरस्कार मिला। प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला ने स्टूडेंट्स के जोश के साथ हिस्सा लेने के लिए उनकी तारीफ़ की और उन्हें भविष्य में भी ऐसी क्रिएटिव और सीखने वाली एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेते रहने के लिए हिमत दी। हिंदी विभाग से डॉ. पवन कुमारी, और पंजाबी विभाग से डॉ. मंदीप कौर ने जज की भूमिका निभाई। इस अवसर पर एनएसएस सदस्य डॉ. संदीप कौर, और डॉ. दीप्ति धीर भी मौजूद थे। प्रोग्राम का समापन होनहार प्रतिभागियों को समानित करने के साथ हुआ।



