
एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स जालंधर में हिंदी-दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी-सप्ताह मनाया गया

एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर विद्यार्थियों के सर्वांगीण एवं बहुआयामी विकास को ध्येय मानकर विभिन्न क्षेत्रों में गतिविधियों का आयोजन करवाता ही रहता है। विद्यार्थियों में भाषा की पकड़ को मजबूत बनाने के लिए कालेज के हिंदी-विभाग द्वारा हिंदी-दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी सप्ताह मनाया गया। इस कार्यक्रम में साहित्य के प्रति गहन अनुराग रखने वाली,सृजनात्मकता के गुणों से संपन्न कवयित्री एवं लेखिका श्रीमती ममता सूरी श्री विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुई।प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने श्रीमती ममता सूरी जी को प्लांटर भेंट कर उनका अभिनंदन किया। डॉ ढींगरा ने विशेष अतिथि श्रीमती ममता सूरी जी का अभिनंदन करते हुए कहा यह वास्तव में हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि अपनी कविता से लोगों के दिलों को छू लेने वाली सशक्त कलम की धनी आज हमारे बीच उपस्थित हैं। हिंदी भाषा की श्रेष्ठता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हिंदी ही वह भाषा है जो न केवल भारत को एक सूत्र में पिरो सकती है बल्कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना को भी पूरे विश्व में प्रचारित-प्रसारित कर सकती है। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ अमिता मिश्रा के निर्देशन में हिंदी एवं संगीत-विभाग के विद्यार्थियों अनुराग अरोड़ा, अर्शिया, दिया एवं सोनल द्वारा कबीर के दोहे- गायन से किया गया। बीबीए पांचवें समैस्टर के विद्यार्थी निशांत ने रश्मिरथी पर आधारित ओजपूर्ण कविता बोलकर सबमें वीर भाव का रंग भर दिया।बीए पांचवें समैस्टर की छात्रा सोनल ने अपनी मां की स्मृति में स्वरचित लिखी कविता का पठन करते हुए सभी श्रोताओं को करुणा के भाव से भर दिया। बा पांचवी इस समैस्टर की छात्रा दिया ने महाभारत की घटना पर आधारित कहानी सुना कर यह संदेश दिया कि हर वक्त बाहुबल ही काम नहीं आता कई बार बुद्धि के बल से भी हम बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान ढूंढ़ लेते हैं।डॉ मिक्की वर्मा के निर्देशन में एम ए क्लासिकल डांस प्रथम समैस्टर की छात्रा नव्या ने गणेश स्तुति पर आधारित क्लासिकल डांस करते हुए सबको भक्ति के रंग में रंग दिया। इस अवसर विशेष पर श्रीमती ममता सूरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी हमारा गौरव तो है ही इसके साथ ही वह हमारी आत्मा की भाषा भी है अगर हमने अपने मन के भावों को व्यक्त करना हो तो उसके लिए अपनी भाषा ही सबसे सशक्त माध्यम हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चाहे आज ‘जैन जी’ की भाषा खिचड़ी बनती जा रही है लेकिन अपने व्यक्तित्व को गरिमामय बनाने के लिए स्पष्ट और सुसंस्कृत भाषा बोलना आपके व्यक्तित्व को निखारती है। स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उन्होंने हिंदी भाषा पर एक भावनापूर्ण स्वरचित कविता की प्रस्तुति भी की जिसने वहां उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी सप्ताह मनाते हुए वाद- विवाद लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार दिया,द्वितीय पुरस्कार खुशी, तृतीय पुरस्कार लक्ष्मी माने एवं सांत्वना पुरस्कार निपुण एवं टीशा अग्रवाल को दिया गया, निबंध लेखन में प्रथम स्थान पर दिया ,द्वितीय लक्ष्मी माने एवं निशांत शर्मा,तृतीय स्थान पर जसलीन कौर एवं शिवम शर्मा रहे, कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर दिया, द्वितीय शिवम शर्मा एवं जसलीन कौर तथा तृतीय स्थान पर सोनल एवं टीशा अग्रवाल रहे, कह तू एक कहानी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सोनल,द्वितीय दिया एवं रिजा़ तथा तृतीय स्थान पर दिया तलवाड़ एवं शिवम शर्मा रहे, कविता उच्चारण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सोनल, द्वितीय स्थान पर निशांत एवं तृतीय स्थान पर दिया तलवाड़, हरसिमर एवं मन्नतप्रीत कौर रहे, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में जपाहुलदीप कौर प्रथम, माही द्वितीय,मुस्कान तृतीय मेघा ठाकुर एवं दिया तलवाड़ को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त
हुआ। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ जीवन कुमारी एवं डॉ रिंपी अग्रवाल, कविता-लेखन प्रतियोगिता में मैडम अनुराधा,निबंध लेखन प्रतियोगिता में डॉ रमन दादरा, वाद-विवाद लेखन में मैडम चेतना,एवं कविता-उच्चारण प्रतियोगिता, कह तू एक कहानी प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ अंजना कुमारी एवं डॉ रमन दादरा ने निभाई। डॉ नीरजा ढींगरा ने मैडम ममता सूरी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। डॉ ढींगरा, मैडम ममता सूरी एवं डॉ अंजना कुमारी ने विजित विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। हिंदी-दिवस समारोह के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए डॉ ढींगरा ने हिंदी-विभाग की अध्यक्ष डॉ अंजना कुमारी एवं डॉ पायल अरोड़ा के प्रयासों की भरपूर सराहना की। मैडम चेतना एवं दिया ने बाखूबी मंच-संचालन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



