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थिंक गैस ने पंजाब में गैस पाइपलाइन्स को होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए सरकार से सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील की

लुधियाना-, अक्टूबर, 2026: थिंक गैस ने पंजाब में भूमिगत गैस पाइपलाइन्स के आसपास खुदाई, ट्रेंचिंग और हॉरिजॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग (एचडीडी) का काम शुरू करने से पहले सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों के साथ अनिवार्य समन्वय और पूर्व अनुमति की व्यवस्था लागू करने की माँग की है। कंपनी ने राज्य में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार के साथ सार्वजनिक सुरक्षा, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा नियमों के सख्त अनुपालन और जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। थिंक गैस ने सरकारी विभागों, पुलिस, स्थानीय निकायों और खुदाई का काम करने वाली एजेंसीज़ से अपील की है कि वे किसी भी खुदाई से पहले भूमिगत उपयोगिता नेटवर्क की पहचान और सत्यापन सुनिश्चित करें तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें। इस संबंध में थिंक गैस ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित सीजीडी कंपनी की अनिवार्य मंजूरी की व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया है। मुख्य सचिव ने इस पत्र को स्वीकार किया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा पंजाब के लुधियाना, बरनाला, मोगा, जालंधर, कपूरथला और नवांशहर जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क विकसित करने और संचालित करने के लिए अधिकृत थिंक गैस ने भूमिगत गैस पाइपलाइन्स के आसपास बिना पूर्व सूचना और आवश्यक अनुमति के की जा रही खुदाई की घटनाओं पर चिंता जताई है। इस तरह की गतिविधियों से जनसुरक्षा, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को गंभीर खतरा हो सकता है। इस समस्या की गंभीरता हाल ही में लुधियाना के भम्मादी में बाबा जोरावर सिंह फतेह सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास हुई घटना से सामने आई, जहाँ खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस का रिसाव हुआ और बाद में आग लग गई। थिंक गैस की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन विभाग और पुलिस के सहयोग से स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया। यह घटना गैस पाइपलाइन्स की सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता, समय पर समन्वय और सुरक्षित खुदाई प्रक्रियाओं के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
थिंक गैस ने गैस पाइपलाइन्स के आसपास किसी भी प्रकार की खुदाई या ड्रिलिंग शुरू करने से पहले भूमिगत उपयोगिता नेटवर्क का अनिवार्य सत्यापन करने और संबंधित सीजीडी कंपनी से पूर्व अनुमति लेने की माँग की है। कंपनी ने भारत सरकार के ‘कॉल बिफोर यू डिग’ (Call Before u Dig- CBuD) प्लेटफॉर्म (cbud.gov.in) के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया है। यह प्लेटफॉर्म खुदाई का काम शुरू करने से पहले संबंधित एजेंसीज़ को भूमिगत बुनियादी ढाँचे के स्वामियों के साथ समन्वय स्थापित करने में मदद करता है। बेहतर सूचना-साझाकरण के साथ प्रशासन और पुलिस का सहयोग सुरक्षा नियमों के अनुपालन को मजबूत कर सकता है, पाइपलाइन्स को होने वाले आकस्मिक नुकसान को कम कर सकता है और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है।
थिंक गैस ने अपने गैस वितरण नेटवर्क की सुरक्षा के लिए कई उपाय लागू किए हैं। इनमें नियमित अंतराल पर आइसोलेशन वाल्व लगाना, सुरक्षा संबंधी जानकारी और आपातकालीन संपर्क विवरण वाले पाइपलाइन रूट मार्कर, पाइपलाइन्स के ऊपर चेतावनी मैट बिछाना तथा पाइपलाइन को नुकसान पहुँचने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्वचालित अलर्ट जारी करना शामिल है।
कंपनी ने एक्सकेवेटर प्रॉक्सिमिटी डिटेक्शन सिस्टम (जियो-फेंसिंग) भी लागू किया है। इस प्रणाली के तहत गैस पाइपलाइन कॉरिडोर के आसपास वर्चुअल सीमाएँ निर्धारित की जाती हैं। जीपीएस-सक्षम खुदाई मशीनों के इन निर्धारित क्षेत्रों में प्रवेश करने और तय समय से अधिक अवधि तक वहाँ मौजूद रहने पर यह प्रणाली अलर्ट देती है। थिंक गैस ने पाइपलाइन्स को होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए अन्य सीजीडी नेटवर्क में भी इस तरह की निगरानी प्रणालियों को व्यापक स्तर पर अपनाने की सिफारिश की है।
थिंक गैस ने कहा कि गैस पाइपलाइन्स को नुकसान से बचाने के लिए सरकारी विभागों, पुलिस, खुदाई एजेंसीज़, विभिन्न यूटिलिटी सेवा प्रदाताओं, सीजीडी कंपनियों और स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। पंजाब में गैस बुनियादी ढाँचे का विस्तार जारी रहने के बीच जन-जागरूकता बढ़ाना, सुरक्षित तरीके से खुदाई करना और काम शुरू करने से पहले संबंधित सीजीडी कंपनी के साथ समन्वय स्थापित करना अनिवार्य है। इन उपायों से टाली जा सकने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पंजाब में थिंक गैस के परिचालन क्षेत्रों- लुधियाना, बरनाला, मोगा, जालंधर, कपूरथला और नवांशहर में किसी भी प्रकार की खुदाई शुरू करने से पहले सूचना देने के लिए कंपनी के टोल-फ्री नंबर 1800-5727-105 पर संपर्क करें।

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